आज सावन का अंतिम सोमवार है और 24 को प्रदोष व्रत पड़ेगा। पंडितों का मानना है कि असाध्य रोगों और विवाह में तनाव से मुक्ति पाने के लिए शिव का अभिषेक करें।
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20 तारीख को सावन मास की दशमी तथा वैदिक योग में शिव रुद्राभिषेक करना लाभकारी है। इसका विशेष लाभ असाध्य रोगों से ग्रसित लोगों, लंबे समय से विवाह में तनाव और कानूनी पचड़ों से परेशान लोगों को मिलेगा।
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पं. डॉ. आदित्य पांडे ने कहा कि सैतिल करण में शाम 4 बजकर 12 मिनट तक काले तिल एवं दूध से रुद्राभिषेक अधिक समय के लिए लाभप्रद होगा। इसके बाद गरजकरण में समुद्र फेन सप्त धान एवं शमि पत्र से रूद्राभिषेक का लाभ मिलेगा।
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डॉ. पांडे ने बताया कि 24 तारीख को आयुष्मान योग में प्रदोष व्रत का लाभ सर्वाधिक होगा। पढ़ाई में रुकावट झेल रहे, कर्ज मुक्ति की चाहत रखने वाले लोग गंगाजल, दूध एवं विष्णुकांता के नीले फूलों से चढ़ाए इससे लाभ मिलेगा।
इस बार प्रदोष 23 की सुबह 10:15 बजे से लग जाएगा। इसी दिन शाम 5:13 मिनट पर 6:49 और 24 अगस्त को सुबह 7.33 और 9.11 बजे तक मुहूर्त अच्छा है। उन्होंने कहा कि व्रत हमेशा उदया तिथि से माना जाता है, इस कारण व्रत 24 अगस्त को ही माना जाएगा।