सलोनी की मौत की सीबीआई जांच के लिए पिता विजय शर्मा लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी से मुलाकात करेंगे। उन्होंने केबिनेट मंत्री श्रीकांत शर्मा के जरिये मुख्यमंत्री से समय मांगा है। एसपी के आश्वासन के बाद भी वह जिला पुलिस की जांच से संतुष्ट नहीं हैं। आगरा जिले के बाह थाना क्षेत्र के जरार गांव निवासी विजय कुमार शर्मा की बेटी सलोनी शर्मा 14 सैफई स्पोर्ट्स कॉलेज में कक्षा आठ की छात्रा थी।
बैडमिंटन खिलाड़ी सलोनी का शव 22 जुलाई की रात को हास्टल के कमरे में फांसी पर लटका मिला था। कमरे में साथ रहने वाली छात्राओं अनुष्का सिंह व याना गुप्ता को सुबह उठने पर जानकारी हुई। पुलिस को कमरे से एक सुसाइड नोट मिला था, जिसमें कोच सिद्धार्थ कृष्णा की पत्नी यामिनी की ओर से सलोनी पर लांछन की बात लिखी थी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फांसी से मौत होने की पुष्टि हुई थी, लेकिन पिता विजय शर्मा को बेटी के खुदकुशी करने पर यकीन नहीं है। उनका आरोप है कि सुसाइड नोट में सलोनी की राइटिंग ही नहीं है। उन्होंने सलोनी के ऊंचाई पर पंखे तक पहुंचने, फंदे में इस्तेमाल चुनरी समेत कई सवाल उठाए। इसको लेकर शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार मिश्रा से मिले।
एसएसपी ने चुनरी की जांच एएसपी ग्रामीण को सौंपी है। इसके बावजूद विजय संतुष्ट नहीं हैं। उनका आरोप है कि सैफई से लेकर इटावा तक के पुलिस अधिकारी मौत को खुदकुशी साबित करने पर तुले हैं, इसलिए वह मुख्यमंत्री से सीबीआई जांच कराने की मांग करेंगे। विजय ने बताया कि मुख्यमंत्री से इटावा जिले की पुलिस के व्यवहार की शिकायत भी करेंगे।
एएसपी ग्रामीण ओमवीर सिंह का कहना था कि पिता के संदेह पर चुनरी किसकी थी, इसकी जांच कराई जा रही है। एएसपी ने कहा कि अगर खुदकुशी नहीं होती तो शरीर में कहीं खरोंच, चोट या कोई अन्य निशान होता। पोस्टमार्टम में ऐसा कुछ भी नहीं मिला है। फिर भी अगर पिता किसी पर संदेह जाहिर करने की लिखित शिकायत देते हैं तो उसकी जांच कराई जाएगी।
सिद्धार्थ को हटाया नहीं, रोका गया
सैफई कॉलेज के प्रधानाचार्य एसके लहरी ने बताया कि कॉलेज के बैडमिंटन कोच सिद्धार्थ कृष्णा को हटाया नहीं गया है। ऊपर से आए आदेश पर फिलहाल कोचिंग देने से रोका गया है। छात्रा की मौत और पत्नी यामिनी के जेल जाने से वह परेशान हैं। ऐसी हालत में कोचिंग में उनका मन ठीक से नहीं लगेगा इसलिए उन्हें रोका गया है।