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Sahil Saraswat Murder: नहीं मिले हत्या के साक्ष्य, PM रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने जताई हादसे की आशंका

Wed, 29 Nov 2023 06:50 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur Crime: जेसीपी बोले कि सीसीटीवी देखने के बाद इस बात की संभावना दिख रही है कि घटना रात तीन से सुबह छह बजे के बीच की है। सुबह 4.30 बजे तक हॉस्टल में छात्रों की चहलकदमी जारी थी। लेकिन ऐसी कोई हलचल नहीं मिली, जिससे किसी झगड़े या हमले जैसी बात लगे।
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Sahil Saraswat Murder - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कानपुर में निजी मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस छात्र साहिल सारस्वत (24) की मौत को लेकर पुलिस की जांच अब हादसे की तरफ संकेत कर रही है। मंगलवार को पुलिस ने अब तक की अपनी जांच, फॉरेंसिक साक्ष्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मृतक के रिश्तेदारों के सामने भी साहिल की मौत तीसरी मंजिल से गिरकर होने की आशंका जताई।

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अभी तक मामला हत्या और हादसे के बीच उलझा हुआ था।  अब पुलिस का दावा है कि ऐसा कोई भी साक्ष्य नहीं मिला, जो हत्या की ओर इशारा करता हो। फोरेंसिक जांच व पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस मान रही है कि तीसरी मंजिल से गिरने पर साहिल बेसमेंट की सीढ़ियों से टकराया। इसके बाद लुढ़ककर छज्जे के नीचे जा पहुंचा।
करीब तीन घंटे तक लगातार शरीर से खून निकलने के कारण उसकी जान चली गई।  पुलिस ने अपनी इस थ्योरी को साझा करने से पहले मंगलवार को मृतक साहिल के मौसा पंकज कुमार, मामा विकास और मौसेरे भाई मनन्य गोस्वामी को घटनास्थल पर बुलवाकर मुआयना कराया। इसके बाद फॉरेंसिक की जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की पूरी जांच से अवगत कराया।

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बड़े भाई की तरह रखता था ख्याल
पुलिस ने साहिल की महिला मित्र और पार्टी में शामिल रहे साथियों का भी रिश्तेदारों से सामना कराया।  सभी ने घटना के दिन की पूरी बात परिवार को बताई। वहीं, मेडिकल कॉलेज सभागार में मंगलवार को श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। साहिल का रूममेट रहा अमित गौतम भावुक होकर बोला साहिल बड़े भाई की तरह उसका ख्याल रखता था।

कोई दोबारा पार्टी क्यों देगा?
परिजनों का कहना था कि साहिल ने अपने जन्मदिन से तीन दिन पहले मालरोड के एक रेस्टोरेंट में साथी छात्र-छात्राओं को पार्टी दी थी। अगले दिन साथी छात्रों को ही पार्टी दी थी और शराब और मीट मंगवाया था। इसलिए यह बात समझ से परे है कि कोई दो बार अपने साथ के छात्रों को पार्टी क्यों देगा?

फोरेंसिक जांच: हत्या की पुष्टि नहीं

  • 80 छात्रों व स्टाफ के हाथों में खून की मौजूदगी चेक करने के लिए बेंजाडिन टेस्ट किया गया। किसी के भी हाथों में खून नहीं पाया गया।
  • फोरेंसिक एक्सपर्ट व पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों ने क्राइम सीन का मुआयना करने के बाद पाया कि सिर की चोट सीढ़ी के किनारों से लगना संभव है।
  • सीढ़ियों पर किए गए बेंजाडिन टेस्ट में सीढ़ियों के किनारों पर खून मिला। वहां बाल व खाल के अंश भी मिले। इससे गिरने की संभावना को बल मिलता है।
  •  शव जिस जगह मिला, वहां किसी तरह के संघर्ष के निशान नहीं मिले। संघर्ष होता तो शव मिलने वाली जगह के अलावा अन्य स्थानों पर खून मिलता।
  • अधिक नशे में होने की वजह से उसने तीसरी मंजिल पर अपने कमरे के बाहर निकलकर कॉरिडोर में ही पेशाब कर दिया था, जिसका सैंपल मिला।
  • तीसरी मंजिल की रेलिंग 87 सेमी ऊंची है और साहिल की लंबाई 1.75 मीटर थी। संभव है कि वह छोटी रेलिंग पर खुद को न संभाल पाया हो नीचे गिर गया हो।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट: हादसे के संकेत

  • पोस्टमार्टम में साहिल के अत्यधिक शराब पीने की पुष्टि हुई है। साहिल के दिमाग, लिवर व पेट में शराब मिली।
  • सिर में 12 फ्रैक्चर मिले लेकिन शरीर पर कोई जाहिरा चोट नहीं थी। हत्या होती तो शरीर के बाहरी हिस्से में भी चोट दिखती।
  • साहिल की किडनी, लिवर व आंतें फटी मिलीं। डेढ़ लीटर खून शरीर में भरा था। पसलियां टूटी थीं। वजनी शख्स के ऊंचाई से गिरने पर ऐसी चोटे आती हैं।

पुलिस जांच: हत्या का नहीं मिला सुराग

  • छात्रों व गार्डों से पूछताछ में हुए बयानों को सीसीटीवी फुटेज से परखा गया। लेकिन दो बजे के बाद किसी की भी साहिल के कमरे के आसपास गतिविधि नहीं दिखी।
  • पूछताछ में दो छात्रों ने बताया कि तीन से साढ़े तीन बजे के बीच कुछ गिरने की आवाज आई थी, पर अक्सर छात्र कुछ न कुछ फेंकते रहते हैं। इसलिए किसी ने निकलकर नहीं देखा।
  • घटनास्थल पर किसी तरह का हथियार नहीं मिला। आशनाई की बात के भी किसी तरह के साक्ष्य नहीं मिले।

सीसीटीवी फुटेज: नहीं मिला कोई साक्ष्य

  • सभी फ्लोर में लगे कुल पांच सीसीटीवी कैमरों के फुटेज में रात दो बजे के बाद किसी बाहरी व्यक्ति की गतिविधि नहीं मिली। न ही कोई बाहर गया, न ही कोई हॉस्टल में आया।
  • साहिल रात करीब 3 बजे कॉरिडोर में पेशाब करते हुए दिखा और इसके बाद फिर बालकनी की ओर जाता दिखाई दिया।
  • बेसमेंट में जाने वाले रास्ते पर लगा दरवाजा ग्राउंड फ्लोर पर लगे सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में था। वहां के फुटेज में दरवाजा रातभर बंद मिला।
  • बेसमेंट में जाने का कोई और रास्ता भी नहीं है, ऐसे में पुलिस साहिल के खुद गिरने की थ्योरी को ज्यादा सही मान रही है।

अब तक 80 का किया गया बेंजाडिन टेस्ट
खुद डीसीपी पश्चिम विजय ढुल और एडीसीपी पश्चिम आकाश पटेल सुबह से ही घटनास्थल पर डटे रहे। सीपी ने भी मंगलवार को अधिकारियों के साथ केस की जांच की समीक्षा की। वहीं, 80 छात्रों, हॉस्टल कर्मचारियों का बेंजाडिन टेस्ट किया गया। इस टेस्ट में बेंजाडिन नाम के केमिकल को पानी में डालकर संबंधित व्यक्ति के हाथ व संभावित स्थानों पर डाला जाता है। अगर खून रहा होगा तो उस स्थान पर रंग बदल जाता है, जिससे खून का संकेत मिल जाता है। 
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सीसीटीवी देखने के बाद इस बात की संभावना दिख रही है कि घटना रात तीन से सुबह छह बजे के बीच की है। सुबह 4.30 बजे तक हॉस्टल में छात्रों की चहलकदमी जारी थी। लेकिन ऐसी कोई हलचल नहीं मिली, जिससे किसी झगड़े या हमले जैसी बात लगे। मृतक के परिजन हॉस्टल आए थे। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें साक्ष्यों से अवगत कराया गया है। परिजनों ने भी अबतक की कार्रवाई से संतुष्टि जाहिर की है।  -आनंद प्रकाश तिवारी, जेसीपी
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