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फर्रुखाबाद जेल में बवाल का मामला: परिजनों के जाने के बाद कराया शव का पोस्टमार्टम, अब तक सामने आई ये बात

Mon, 08 Nov 2021 08:10 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद

सार

पोस्टमार्टम हो जाने की जानकारी पर परिजन बिफर गए। परिजनों ने शव लेने से मना कर दिया। परिजनों का कहना था कि शिवम ने मरने से पहले कहा था कि जेलर ने गोली मारी है। जेलर पर मुकदमा दर्ज होने के बाद सुबह शव ले जाएंगे।
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फर्रुखाबाद जेल में बवाल का मामला - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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फर्रुखाबाद जिला जेल के बवाल में मृत बंदी शिवम के शव का पोस्टमार्टम रात में उसके परिजनों के जाने के बाद कराया गया। इसके बाद पुलिस जीप से लाए गए परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया। परिजन जेलर पर मुकदमा दर्ज करने की मांग पर अड़ गए।
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एक भट्टा संचालक के समझाने और अधिकारियों के मुकदमा व आर्थिक मदद के आश्वासन पर परिजन मान गए। देर रात एंबुलेंस से शव गांव भिजवाया गया। फतेहगढ़ जिला जेल में रविवार को हुए बवाल में राजेपुर क्षेत्र के गांव जैनापुर निवासी बंदी शिवम घायल हो गया था।

सैफई चिकित्सा विवि में डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। शाम को शव लोहिया अस्पताल लाया गया। अस्पताल पहुंचे शिवम के पिता जितेंद्र उर्फ मुन्नालाल व न्य परिजनों ने रात में पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। रात 11 बजे के बाद परिजन पोस्टमार्टम हाउस से चले गए।
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परिजन रास्ते में थे, तभी पुलिस ने फिर फोन कर पोस्टमार्टम कराने के लिए बुलाया। पिता ने कहा कि, सुबह ही पोस्टमार्टम कराएंगे। इसके बाद पुलिस जीप गांव भेजी गई। उससे मुन्नालाल के अलावा शिवम के चाचा कौशल, रंजीत सिंह, भूनेंद्र सिंह, नन्हें, दादी कमलेश व ताई पुष्पा देवी रात 1:15 बजे पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे।
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पोस्टमार्टम हो जाने की जानकारी पर परिजन बिफर गए। परिजनों ने शव लेने से मना कर दिया। परिजनों का कहना था कि शिवम ने मरने से पहले कहा था कि जेलर ने गोली मारी है। जेलर पर मुकदमा दर्ज होने के बाद सुबह शव ले जाएंगे।

पुलिस ने समझाया लेकिन परिजन नहीं माने। पुलिस को जानकारी हुई गांव के भट्ठा संचालक कौशल सिंह की बात परिजन मानेंगे। इस पर राजेपुर एसओ दिनेश गौतम रात करीब दो बजे कौशल को लेकर पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे।

कौशल ने परिजनों को समझाया और पुलिस अधिकारियों ने जेलर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने व आर्थिक मदद दिलाने का आश्वासन दिया। इस पर परिजन शव ले जाने के लिए तैयार हो गए। पुलिस ने जेल से एंबुलेंस बुलवाई। रात करीब तीन बजे पुलिस के साथ एंबुलेंस में शव गांव भेजा गया।
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