फर्रुखाबाद जिला जेल के बवाल में मृत बंदी शिवम के शव का पोस्टमार्टम रात में उसके परिजनों के जाने के बाद कराया गया। इसके बाद पुलिस जीप से लाए गए परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया। परिजन जेलर पर मुकदमा दर्ज करने की मांग पर अड़ गए।
एक भट्टा संचालक के समझाने और अधिकारियों के मुकदमा व आर्थिक मदद के आश्वासन पर परिजन मान गए। देर रात एंबुलेंस से शव गांव भिजवाया गया। फतेहगढ़ जिला जेल में रविवार को हुए बवाल में राजेपुर क्षेत्र के गांव जैनापुर निवासी बंदी शिवम घायल हो गया था।
सैफई चिकित्सा विवि में डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। शाम को शव लोहिया अस्पताल लाया गया। अस्पताल पहुंचे शिवम के पिता जितेंद्र उर्फ मुन्नालाल व न्य परिजनों ने रात में पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। रात 11 बजे के बाद परिजन पोस्टमार्टम हाउस से चले गए।
परिजन रास्ते में थे, तभी पुलिस ने फिर फोन कर पोस्टमार्टम कराने के लिए बुलाया। पिता ने कहा कि, सुबह ही पोस्टमार्टम कराएंगे। इसके बाद पुलिस जीप गांव भेजी गई। उससे मुन्नालाल के अलावा शिवम के चाचा कौशल, रंजीत सिंह, भूनेंद्र सिंह, नन्हें, दादी कमलेश व ताई पुष्पा देवी रात 1:15 बजे पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे।