चित्रकूट में आरएसएस की राष्ट्रीय बैठक में हो रहे चिंतन में पश्चिम बंगाल भी खास मुद्दा बना हुआ है। हाल ही में यहां हुए विधान सभा चुनाव में भाजपा की हार पर मंथन हुआ है। संघ ने पश्चिम बंगाल में विशेष दीर्घ कालीन योजना बनाकर काम करने की ठानी है।
पश्चिम बंगाल को तीन प्रांतों में बांटकर अलग-अलग क्षेत्र संचालक नियुक्त किए गए हैं। रमापदो पाल को पश्चिम बंगाल और उड़ीसा का क्षेत्र प्रचारक बनाया गया है। चिंतन बैठक में लिए गए निर्णयों के बारे में संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने बताया कि प्रदीप जोशी को चंडीगढ़ का दायित्व सौंपा गया है।
दक्षिण बंगाल के प्रांत प्रचारक जलधर महतो को सह क्षेत्र प्रचारक बनाया गया है। पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, सिक्किम और अंडमान प्रांत में क्षेत्र प्रचारक कुलदीप जोशी को अखिल भारतीय सह संपर्क प्रमुख का दायित्व दिया गया है। बताया कि आरएसएस ने पश्चिम बंगाल को तीन प्रांतों में विभाजित किया है।
इनमें दक्षिण बंगाल, मध्य बंगाल और उत्तर बंगाल को शामिल किया गया है। इनके मुख्यालय क्रमश: कोलकाता, वर्धमान और सिलीगुड़ी है। भइया जी जोशी को विश्व हिंदू परिषद और डॉ. कृष्ण गोपाल को विद्या भारती का संपर्क अधिकारी नियुक्त किया गया है। बताया कि सह प्रांत प्रचारक प्रशांत भट्ट को दक्षिण बंगाल का प्रांत प्रचारक बनाया गया है।