मुस्लिम बस्तियों वाले अधिकतर वार्ड महिला आरक्षित
नगर निकाय चुनावों के आरक्षण ने मुस्लिम बहुल बस्तियों के वार्डों का गणित बिगाड़ दिया है। अधिकतर वार्ड अनारक्षित या महिला कर दिए गए हैं। मुस्लिम समाज की जातियां अनुसूचित जातियों की श्रेणी में नहीं आती हैं।
आरक्षण के नाम पर वार्ड हुए महिला
लिहाजा आरक्षण के नाम पर वार्डों को महिला कर दिया गया है। दक्षिणी शहर के बेगमपुरवा, अजीतगंज, सुजातगंज के अगल-बगल के सभी वार्डों को महिला आरक्षित कर दिया गया है। अब इसमें देखना होगा कि पार्टियां किसको दावेदारी सौंपती हैं।
वार्ड आरक्षण लागू होने से 20 से ज्यादा निवर्तमान पार्षद मायूस
कानपुर नगर निगम चुनाव के लिए वार्ड आरक्षण सूची जारी होने से जहां एक तरफ वरिष्ठ निवर्तमान पार्षद महेंद्र पांडे पप्पू और कमल शुक्ल बेबी ने छठवीं बार पार्षद बनने के लिए चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी शुरू की है।
वहीं दूसरी तरफ वरिष्ठ पार्षद मदन बाबू, सुनील कनौजिया सहित 20 से ज्यादा निवर्तमान पार्षद इस बार चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। इनके वार्ड आरक्षित हो गए हैं। इनमें से कुछ पत्नी को चुनाव मैदान में उतारने का मन बना रहे हैं तो कुछ आसपास के वार्ड से भाग्य आजमाने की तैयारी में हैं।
इस बार वार्ड अनारक्षित हुए
महेंद्र पांडे पप्पू पिछले निकाय चुनाव में वार्ड नंबर 40 विष्णुपुरी से जीते थे। इसी तरह कमल शुक्ला बेबी वार्ड नंबर 61 तिलकनगर से लगातार पांचवीं बार चुनाव जीते थे। इस बार भी ये दोनों वार्ड अनारक्षित हैं। इसलिए इन दोनों का चुनाव लड़ना लगभग तय माना जा रहा है।
भाजपा नेता मदन बाबू नहीं लड़ पाएंगे चुनाव
पिछले निकाय चुनाव में आरक्षित रहे वार्ड नंबर-3 चुन्नीगंज, वार्ड-नंबर 4 ग्वालटोली, वार्ड-नंबर 5 जवाहर नगर अनारक्षित होने से इन वार्डों के पार्षद रह चुके नेताओं के समीकरण बिगड़ गए हैं। वही पुराना कानपुर वार्ड से तीन बार जीत चुके भाजपा नेता मदन बाबू इस बार चुनाव नहीं लड़ पाएंगे।
लक्ष्मीपुरवा वार्ड के निवर्तमान पार्षद रमेश हटी किदवईनगर सब्जी मंडी वार्ड के दो बार पार्षद सुनील कनौजिया, राघवेंद्र मिश्रा, सौरभ देव, अर्चना त्रिपाठी, संजय यादव, प्रशांत द्विवेदी दिनेश अवनीश खन्ना आदि नई वार्ड आरक्षण सूची वजह से अपने अपने वार्डों से चुनाव नहीं लड़ पाएंगे।