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मौत पर भी ले लिया नेग: यूपी के सरकारी अस्पताल में जच्चा-बच्चा की मौत, पर स्टाफ न भूला वसूली करना; ऐठें दो हजार

Tue, 19 Sep 2023 08:43 PM IST
Vikas Kumar माई सिटी रिपोर्टर, कानपुर

सार

सीएचसी अधीक्षक राजेश सिंह ने सफाई दी है कि गायनी की परमानेंट एक स्त्री रोग विशेषज्ञ है। सुबह ओपीडी और सीजर करती हैं। जो डॉक्टर दिन में ओपीडी करेगी, उससे नाइट कैसे कराई जा सकती है।
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जच्चा-बच्चा की मौत - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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यूपी के कानपुर स्थित बिधनू सीएचसी में प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा की मौत के मामले में सीएमओ डॉ. आलोक रंजन ने रिपोर्ट तलब की है। रिपोर्ट में दोषी पाए जाने वाले स्टाफ पर कार्रवाई होगी। वहीं जच्चा अनीता (27) की मौत के लिए परिजन सीएचसी स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। अनीता के पति शैलेंद्र का कहना है कि बच्ची पैदा हुई थी। नवजात की हालत नाजुक थी और कुछ देर बाद मौत हो गई। उसके बाद भी स्टाफ ने दो हजार रुपये नेग के ले लिए। उसने बताया कि अनीता की मौत रास्ते में हैलट जाते वक्त हुई।

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शैलेंद्र ने बताया कि वह ऑटो रिक्शा चालक है। सोमवार शाम घर आया तो अनीता के पेट में दर्द था। उसे लेकर वह सीएचसी गया। वहां पर स्टाफ ने अनीता को अंदर लिटाने को कहा। इसके बाद बाहर से दवा लाने के लिए पर्ची दे दी। वह तीन हजार रुपये की दवा लेकर आया। प्रसव के कुछ देर के बाद बच्ची की मौत हो गई। अनीता की तबियत बिगड़ी तो हैलट रेफर कर दिया। उसने कहा कि सोमवार को पत्नी के अंतिम संस्कार में व्यस्त था। अब सीएमओ और आला अधिकारियों से शिकायत करेंगे।
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वहीं सीएचसी अधीक्षक राजेश सिंह ने सफाई दी है कि गायनी की परमानेंट एक स्त्री रोग विशेषज्ञ है। सुबह ओपीडी और सीजर करती हैं। जो डॉक्टर दिन में ओपीडी करेगी, उससे नाइट कैसे कराई जा सकती है। एक डॉक्टर संविदा पर हैं। संविदा डॉक्टर से छह घंटे से ज्यादा ड्यूटी नहीं कराई जा सकती। सीएमओ डॉ. आलोक रंजन का कहना है कि मामले के हर पहलू को देखा जाएगा।
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