उन्नव जिले में माखी थानाक्षेत्र के संपतपुर गांव निवासी एक लाइनमैन की मौत के बाद सड़क जाम करने पर ग्राम प्रधान सहित 11 नामजद व एक सैकड़ा अज्ञात लोगों पर रिपोर्ट दर्ज की गई है।
शुक्रवार को अजगैन कोतवाली क्षेत्र के निसभी गांव में तेज बारिश के चलते गिरे खंभों से टूटे एचटी लाइन के तार को जोड़ते समय चालू हुई बिजली आपूर्ति से संविदा लाइनमैन माखी थाना के गांव संपतपुर निवासी शिवमंगल (40) पुत्र कालीचरण की झुलस कर घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी।
आक्रोशित परिजनों ने सैकड़ों ग्रामीणों के साथ अजगैन-मुंशीगंज मार्ग को जाम कर दिया था। सूचना पर पहुंचे हसनगंज एसडीएम प्रदीप वर्मा ने सरकारी सहायता व जिम्मेदारों पर रिपोर्ट दर्ज कराने का आश्वासन देकर चार घंटे बाद जाम खुलवाया था।
शनिवार को पत्नी की तहरीर पर पुलिस ने एसएसओ, एसडीओ व जेई हसनगंज पर रिपोर्ट दर्ज की थी। रविवार को राजाबाग चौकी इंचार्ज सर्वेश कुमार की तहरीर पर संपतपुर ग्राम प्रधान रजनीश मौर्य समेत निसभी गांव निवासी जगती रावत, श्रीवास्ते रावत, अशोक, राजू, बलराम, बल्ली उगरापुर निवासी धर्मेंद्र, जरलिया निवासी राजू पुत्र अमर सिंह, सरायचंदन निवासी अमीर सिंह, बाबूखेड़ा निवासी विनोद व मृतक के भाई सुरेश और एक सैकड़ा अज्ञात लोगों पर बलवा, सरकारी कार्य में बाधा, अभद्रता, मार्ग अवरुद्ध व कोविड-19 की नियमावली का उल्लंघन करने समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। जिसकी जांच एसआई राजेश दीक्षित को सौंपी गई है।
एसओ संतोष कुमार सिंह ने बताया कि निशभी गांव निवासी जगती रावत, श्रीवास्ते रावत, अशोक व राजू ने मृतक शिवमंगल के शव को चारपाई पर रखकर निशभी तिराहा मुंशीगंज रोड पर जाकर रखा था। ग्राम प्रधान संपतपुर रजनीश मौर्या की मदद से अपनी बोलेरो गाड़ी से सड़क पर बीचोबीच खड़ा करके जाम लगवा दिया था।
जिसके चलते दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गई थीं। इस दौरान लोगों को समझाने का प्रयास किया तो जगती रावत आदि ने पुलिस वालों से अभद्रता की। सभी को समझाया गया था कि इस तरह से एक साथ एकत्रित होने से कोरोना महामारी फैलने का खतरा है। इसके बाद भी लोग उग्र होकर अभद्रता करने लगे थे। जिस कारण सभी पर रिपोर्ट दर्ज की गई है।