उत्तर प्रदेश के कानपुर में रेलवे ट्रैक पर पड़ने वाली धुंध व कोहरे ने ट्रेनों की गति पर ब्रेक लगा दिए है। इस बीच ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। दरअसल पिछले 2 दिनों से ट्रेनों के लेट होने का सिलसिला कुछ थमा है। रविवार को भी करीब एक दर्जन ट्रेनें लेट तो हुईं लेकिन ज्यादा लेट न होने से यात्रियों को परेशान नहीं होना पड़ा।
उत्तर प्रदेश के कानपुर में रेलवे ट्रैक पर पड़ने वाली धुंध व कोहरे ने ट्रेनों की गति पर ब्रेक लगा दिए है। इस बीच ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। दरअसल पिछले 2 दिनों से ट्रेनों के लेट होने का सिलसिला कुछ थमा है। रविवार को भी करीब एक दर्जन ट्रेनें लेट तो हुईं लेकिन ज्यादा लेट न होने से यात्रियों को परेशान नहीं होना पड़ा। श्रमशक्ति एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय सुबह छह बजे के पहले ही कानपुर सेंट्रल पहुंच गई। दिल्ली-वाराणसी वंदे भारत एक्सप्रेस महज नौ मिनट की देरी से सुबह 10:17 बजे कानपुर आई। महानंदा एक्सप्रेस अलीपुरद्वार से आने की वजह से जरूर चार घंटे लेट रही।
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ये ट्रेनें रहीं लेट, जनरल टिकट कम बिके
ठंड और रविवार की छुट्टी की वजह से 30 प्रतिशत जनरल टिकट कम बिके। हालांकि ट्रेनों के लेट होने की वजह से टिकट निरस्त कराने वाले इक्का-दुक्का ही रहे। रविवार को भुवनेश्वर-आनंद विहार एक्सप्रेस एक घंटा, संबलपुर-जम्मू तवी एक्सप्रेस दो घंटे, गुवाहाटी-बीकानेर एक्सप्रेस पौन घंटा, अलीपुरद्वार-दिल्ली महानंदा एक्सप्रेस चार घंटे, एलटीटी-कानपुर एक्सप्रेस दो घंटे की देरी से कानपुर सेंट्रल आई।