कानपुर स्थित हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एचबीटीयू) के बीटेक प्रोग्राम में दाखिले के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 12 जून से शुरू होकर 30 जून तक चलेगी। जेईई मेन क्वालीफाई कर चुके छात्र-छात्राएं इसके लिए आवेदन कर सकेंगे। मंगलवार को विश्वविद्यालय की प्रवेश समिति ने शेड्यूल पर मुहर लगा दी। तीन राउंड ऑनलाइन और अगर इसमें सीटें बचीं तो तीन राउंड ऑफलाइन काउंसलिंग की होंगे। सीटें फ्लोट करने की प्रक्रिया भी सख्त कर दी गई है।
विश्वविद्यालय में मंगलवार को प्रवेश समिति की बैठक हुई। इसमें तय हुआ कि 30 जून तक छात्रों को ढाई हजार रुपये देकर रजिस्ट्रेशन का मौका मिलेगा। 15 जून से 30 जून तक ऑनलाइन च्वाइस फिलिंग का मौका मिलेगा। एक से 24 जुलाई तक तीन चरणों की काउंसलिंग होगी। इनमें जितने छात्र एडमिशन ले लेंगे, उन्हें 26-27 जुलाई तक विश्वविद्यालय में रिपोर्टिंग करनी होगी। 28 जुलाई से कक्षाएं शुरू हो जाएंगी।
29 जुलाई को विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से छात्रों की ब्रांच इंटर्नल स्लाइड कर दी जाएगी। मतलब रिक्त सीटों के लिए छात्रों को उनकी रैंक व कैटेगिरी के अनुसार अच्छी ब्रांच आवंटित कर दी जाएगी। शेष रिक्त सीटों के लिए एक अगस्त से 14 अगस्त के बीच ऑफलाइन काउंसलिंग का आयोजन किया जाएगा। बैठक की अध्यक्षता कुलपति प्रो. एनबी सिंह ने की। इस दौरान रजिस्ट्रार प्रो. मनोज शुक्ला, प्रवेश समिति के प्रभारी प्रो. आनंद कुमार, प्रति कुलपति प्रो. करुणाकर सिंह व अन्य सदस्य मौजूद रहे।
सीट फ्लोटिंग के लिए अलग से देने होंगे बीस हजार रुपये
प्रवेश समिति ने सीट फ्लोटिंग की प्रक्रिया भी सख्त कर दी है। अब सीटें आवंटन के बाद छात्र जितनी बार फ्लोट का ऑप्शन चुनेगा उतनी बार उसे बीस हजार रुपये का भुगतान करना पड़ेगा। एससी-एसटी छात्रों को इसमें छूट दी गई है। उनके लिए 12 हजार रुपये प्रति सीट फ्लोट का चार्ज तय हुआ है। सीट फ्लोट करने वाला छात्र दो या तीन राउंड की काउंसलिंग के बाद सीट छोड़ता है तो उसकी ओर से जमा किए गए प्रत्येक फ्लोट के बीस हजार रुपये जब्त कर लिए जाएंगे।
उदाहरण के लिए अगर किसी छात्र को काउंसलिंग के पहले ही राउंड में सीट आवंटित हो जाती है और वह अच्छी ब्रांच के लिए फ्लोट का ऑप्शन चुनता है तो इसके लिए उसे बीस हजार रुपये देने होंगे। दूसरी काउंसलिंग के बाद भी अगर छात्र ने फ्लोट का ऑप्शन चुना तो फिर से उसे बीस हजार रुपये देने होंगे। अंत में अगर छात्र एडमिशन नहीं लेता है तो दो राउंड के फ्लोट चार्ज यानी 40 हजार रुपये और पांच हजार रुपये रजिस्ट्रेशन शुल्क जब्त कर लिए जाएंगे। जबकि एससी-एसटी से कुल 29 हजार रुपये जब्त कर लिए जाएंगे।
ये फीस हुई निर्धारित
विश्वविद्यालय प्रशासन ने एडमिशन के लिए रजिस्ट्रेशन फीस ढाई हजार रुपये निर्धारित की है। यह नॉन रिफंडेबल है। मतलब अगर एडमिशन नहीं होता है तो भी यह रकम वापस नहीं की जाएगी। इसके अलावा एकेडमिक फीस एक लाख 35 हजार रुपये निर्धारित की गई है। यह फीस एडमिशन के दौरान छात्रों को देनी होगी। सीट आवंटित होने पर सबसे पहले सामान्य व ओबीसी वर्ग के छात्र को बीस हजार रुपये व एससी-एसटी वर्ग के छात्र को 12 हजार रुपये जमा करने होंगे। इसके बाद छात्रों का दस्तावेज वेरीफिकेशन होगा। सीट फ्रीज करने की स्थिति में छात्र को पूर्व में जमा की गई धनराशि काटकर शेष एकेडमिक फीस जमा करनी होगी।
ईडब्ल्यूएस कोटा के तहत सीट नहीं हुई निर्धारित
विश्वविद्यालय में नए सत्र के एडमिशन प्रक्रिया में गरीब सवर्ण आरक्षण (ईडब्ल्यूएस कोटा) भी लागू कर दिया गया है। हालांकि अभी इस कोटे के तहत कितनी सीटों में वृद्घि होगी यह तय नहीं हो पाया है। रजिस्ट्रार प्रो. मनोज शुक्ला ने बताया कि इस पर प्रवेश समिति की अगली बैठक में फैसला लिया जाएगा।
12वीं में 60 प्रतिशत अंक अनिवार्य
एचबीटीयू प्रशासन ने बीटेक में एडमिशन के लिए सामान्य व ओबीसी के लिए 12वीं में 60 प्रतिशत अंक अनिवार्य कर दिया है। एससी-एसटी वर्ग के छात्रों को पांच प्रतिशत की छूट दी जाएगी।