कानपुर। बिकरू कांड में घायल हुए पांच पुलिसकर्मियों को जीवन रक्षक निधि से मिले साढ़े छह लाख रुपये की बची राशि जमा न करने पर नोटिस जारी हुआ है। यह नोटिस डीसीपी मुख्यालय कार्यालय ने भेजा है। इसमें पुलिसकर्मियों को 15 दिन के अंदर रुपये देने की बात लिखी है। ऐसा न करने पर वेतन से 20 प्रतिशत की कटौती होगी। पुलिसकर्मियों ने जेसीपी से गुहार लगाई है।
बिकरू गांव में दुर्दांत विकास दुबे और गिरोह की गोलीबारी में दरोगा कौशलेंद्र प्रताप सिंह, सुधाकर पांडेय, अजय कुमार कश्यप, हेड कांस्टेबल अजय सिंह सेंगर, कांस्टेबल शिवमूरत निषाद घायल हो गए थे। बिकरू कांड में घायल होने पर पांचों के इलाज के लिए पांच लाख रुपये मुख्यालय और डेढ़ लाख रुपये जिला पुलिस की ओर से दिए गए। यह राशि जीवन रक्षक निधि के अंतर्गत आपातकालीन स्थिति में दी गई थी। जून की शुरुआत में पांचों पुलिसकर्मियों के पास डीसीपी मुख्यालय कार्यालय से रुपयों की वसूली का नोटिस आया। इसमें इलाज पूरा होने के बाद चिकित्सीय बिलों का भुगतान विभाग की ओर से कर देने की बात लिखी हुई है। शेष राशि का समायोजन पुलिसकर्मियों ने अब तक नहीं किया है। नोटिस जारी होने पर पांचों पुलिसकर्मी बुधवार को ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर कानून व्यवस्था वीके सिंह से मिले। उनसे रुपये की वसूली न कराए जाने की मांग की।
कहा कि उन्हें जीवन रक्षक निधि की जानकारी नहीं दी गई थी। अब उनको एकदम से रुपये देने पर आर्थिक संकट आएगा। जेसीपी के मुताबिक जीवन रक्षक निधि जमा करना जरूरी है। पांचों में से एक ने बिल नहीं लगाया है, जबकि चार ने बिल लगाए हैं। बिल के अलावा बाकी राशि उन्होंने खर्च कर दी है। सभी की फाइलें निकलवा ली गई हैं। पुलिसकर्मियों या उनके परिजनों ने आर्थिक सहायता के लिए आवेदन व घोषणा पत्र दिया था।
पुलिसकर्मियों पर बकाया राशि
शिवमूरत निषाद 5.34 लाख, कौशलेंद्र प्रताप सिंह 5.94 लाख, सुधाकर पांडेय 6.50, अजय सिंह सेंगर 5.47 लाख, अजय कुमार कश्यप 5.81 लाख रुपये।