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Kanpur: भीतरगांव में दिखा सफेद रंग का दुर्लभ कौवा...लोगों में कौतूहल, बोले- पहले कभी नहीं दिया है दिखाई

Wed, 27 Dec 2023 06:49 PM IST
हिमांशु अवस्थी राघवेंद्र सिंह यादव, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: घाटमपुर वन क्षेत्राधिकारी राकेश पांडेय के मुताविक व्हाइट क्रो ( सफेद कौवा ) दुर्लभ पक्षी है। इसका सफेद रंग एल्बिनिज्म की वजह से होता है। एल्बिनिज्म एक तरह की आनुवांशिक बीमारी है। इसमें पूरा शरीर सफेद ही रहता है। यह प्रक्रिया इंसानों सहित सभी स्तन प्राणियों में होती है।
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गेहूं के खेत में कौवों के झुंड में बैठा सफेद रंग का कौवा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आपने भी सुना और देखा होगा कि कौवा काला होता है। फिल्म 'महबूबा' में लता मंगेशकर और किशोर कुमार द्वारा 'काला कौवा काट खाएगा' गीत गाने में भी काले रंग के कौवे का जिक्र है। वहीं, बुंदेलखंड के गीतकार बिट्ठल भाई पटेल ने फिल्म बॉबी के लिए लिखे गीत 'झूठ बोले कौवा काटे...काले कौवे से डरियो' में भी काले कौवे का जिक्र है।

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कानपुर के भीतरगांव इलाके में कौवों के एक झुंड में एक सफेद कौवा दो दिनों से कौतूहल बना हुआ है। पक्षी विशेषज्ञों की मानें, तो इस तरह के सफेद कौवे भारत में कहीं नहीं दिखते हैं। हालांकि, कानपुर जिले के भीतरगांव इलाके के बैजूपुर गांव में गेंहू के खेत में कौवों के झुंड में एक सफेद रंग का कौवा दिखा है।

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गांव निवासी किसान अन्नू यादव बताते हैं कि बुधवार सुबह कोहरे के बीच गेहूं के खेत में दाने चुगने के लिए कौवों के झुंड में एक कौवा सफेद रंग का है। बुजुर्गों का भी मानना है कि इस तरह का पक्षी क्षेत्र में पहले कभी दिखाई नहीं दिया है। ग्रामीणों का अनुमान है कि कुछ दूर में ही बरईगढ़ की ऐतिहासिक झील मौजूद है।

वन क्षेत्राधिकारी बोले- दुर्लभ पक्षी है सफेद कौवा
यहां ठंड के चलते सैकड़ो की संख्या में पक्षी आए हुए हैं, तो हो सकता है कि पहाड़ी क्षेत्र से भटककर सफेद रंग वाला कौवा भी आ गया हो। घाटमपुर वन क्षेत्राधिकारी राकेश पांडेय के मुताविक व्हाइट क्रो ( सफेद कौवा ) दुर्लभ पक्षी है। इसका सफेद रंग एल्बिनिज्म की वजह से होता है।
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एक तरह की आनुवांशिक बीमारी है एल्बिनिज्म
एल्बिनिज्म एक तरह की आनुवांशिक बीमारी है। इसमें पूरा शरीर सफेद ही रहता है। यह प्रक्रिया इंसानों सहित सभी स्तन प्राणियों में होती है। यह बीमारी मेलानिन हार्मोन में गड़बड़ी की वजह से होती है। इस बीमारी में धीरे-धीरे हमारी त्वचा का रंग बदलकर सफेद हो जाता है। इसे सफेद दाग वाली बीमारी भी कहते हैं।
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