कानपुर। प्रदेश के एकमात्र टेस्ट सेंटर ग्रीनपार्क स्टेडियम में इस सीजन में भी रणजी ट्रॉफी के मुकाबले खेले जाएंगे। ग्रीनपार्क के करीब 350 करोड़ रुपये से कायाकल्प की योजना पर काम तीन से चार महीने काम शुरू होने के आसार नहीं हैं। ऐसे में यूपीसीए ने इस सीजन के तीनों घरेलू रणजी मुकाबलों की मेजबानी ग्रीनपार्क में कराने का निर्णय लगभग कर लिया है।
प्रदेश सरकार ने 14 सितंबर को ग्रीनपार्क स्टेडियम की नई डिजाइन और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के लिए आर्किटेक्चरल कंसल्टेंट नियुक्त करने का टेंडर जारी किया है। निविदा जमा करने की अंतिम तारीख आठ अक्तूबर निर्धारित है। इसके बाद चयनित एजेंसी स्टेडियम का नए सिरे से डिजाइन तैयार कर डीपीआर बनाएगी। डीपीआर को मंजूरी मिलने के बाद निर्माण एजेंसी के चयन की प्रक्रिया शुरू होगी।
जानकारों के अनुसार ग्रीनपार्क में वास्तविक निर्माण कार्य अगले वर्ष जनवरी-फरवरी से पहले शुरू होने की संभावना कम है। इसी को देखते हुए यूपीसीए ने इस सत्र में ग्रीनपार्क में निर्धारित तीनों रणजी मुकाबले कराने की तैयारी कर ली है। यूपीसीए के एक अधिकारी के मुताबिक, निर्माण कार्य शुरू होने में अभी पर्याप्त समय है इसलिए मैचों के आयोजन में कोई बाधा नहीं है। हालांकि इसकी आधिकारिक घोषणा जल्द होने की उम्मीद है।
पहले चरण में दो, दूसरे में एक मैच
रणजी ट्रॉफी के पहले चरण में ग्रीनपार्क को दो घरेलू मुकाबले मिले हैं। पहला मैच उत्तर प्रदेश और गोवा के बीच 18 से 21 अक्तूबर तक खेला जाएगा। इसके बाद उत्तर प्रदेश और वडोदरा की टीमें दो से पांच नवंबर तक आमने-सामने होंगी। दूसरे चरण में उत्तर प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के बीच मुकाबला 24 से 27 जनवरी तक प्रस्तावित है। यूपीसीए ने पिछले दिनों खेल विभाग से ग्रीनपार्क में निर्माण कार्य शुरू होने की स्थिति की जानकारी भी मांगी थी। निर्माण प्रक्रिया में अभी समय लगने की स्थिति स्पष्ट होने के बाद रणजी मैचों की मेजबानी का रास्ता साफ हो गया है।