रोजेदारों ने रमजानुल मुबारक का पहला रोजा मस्जिदों और घरों में दस्तरख्वान सजाकर खोला। सूर्यास्त के बाद मगरिब की नमाज की अजान से पहले रोजेदारों ने खजूर और पानी पीकर रोजा खोला और अल्लाहताला का शुक्र अदा किया।
जिन बच्चों ने पहली बार रोजा रखा उनकी रोजाकुशाई धूमधाम से की गई। इसके साथ ही रमजान हेल्प लाइन पर बताया गया कि लोबान सूंघने से रोजा चला जाता है। रमजान से संबंधित कार्यक्रमों में बताया गया कि रोजा तंदरुस्ती का जरिया है।