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ओलंपिक में गुरजीत और निशा के खेल से रेल कर्मियों में खुशी, दोनों खिलाड़ी कर रही हैं महिला हॉकी टीम का प्रतिनिधित्व

Thu, 05 Aug 2021 11:17 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

कानपुर सेंट्रल उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल में आता है। हर कर्मचारी को वेतन समेत तमाम भुगतान और भत्तों को देने वाला रेलवे के पर्सनल विभाग में ही दोनों खिलाड़ी कार्यरत हैं। गुरजीत कौर और निशा वारसी दोनों ही सीनियर क्लर्क हैं।
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गुरजीत कौर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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ओलंपिक के सेमीफाइनल में भारतीय महिला हॉकी टीम भले ही हार गई है, लेकिन टीम ने जुझारू खेल से लोगों का दिल जीत लिया। इस टीम की दो खिलाड़ी रेलवे कर्मचारी भी हैं। वे प्रयागराज मंडल के डीआरएम आफिस में तैनात हैं। उनको लेकर रेलकर्मी और खासकर कानपुर के रेलवे कर्मचारियों में खुशी की लहर है।
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कानपुर सेंट्रल उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल में आता है। हर कर्मचारी को वेतन समेत तमाम भुगतान और भत्तों को देने वाला रेलवे के पर्सनल विभाग में ही दोनों खिलाड़ी कार्यरत हैं। गुरजीत कौर और निशा वारसी दोनों ही सीनियर क्लर्क हैं। गुरजीत पंजाब के अमृतसर और निशा वारसी हरियाणा के सोनीपत की निवासी हैं। 

 
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सेमीफाइनल मैच में अर्जेंटीना के खिलाफ पहला गोल दागने वाली गुरजीत कौर ही थीं, जिसके बाद देश भर में एक उम्मीद जाग गई। अब तक हुए मैचों में गुरजीत कौर की परफॉर्मेंस बेहतरीन रही। इसके अलावा निशा वारसी टीम की डिफेंडर हैं। सेमीफाइनल मैच में भारतीय टीम को बहुत बेहतर तरीके से डिफेंड किया।

निशा की वजह से अर्जेंटीना टीम कई गोल करने में नाकाम रही। कानपुर के रेलवे कर्मचारियों का कहना है दोनों खिलाड़ी रेलवे के प्रयागराज मंडल से हैं। एक ही मंडल के होने से हर कर्मचारी को काम पड़ता है। पर्सनल विभाग रेलवे का मानव संसाधन विभाग है। हर कर्मचारी को इस विभाग से काम पड़ता है।

वहां आने जाने की वजह से न सिर्फ कर्मचारी दोनों खिलाड़ियों को जानते हैं, बल्कि दोनों खिलाड़ी भी कानपुर के कर्मचारियों को जानती हैं। रेलवे के सीनियर डीपीओ राजेश कुमार ने बताया कि अभी हमारे पास मौका है। ब्रिटेन से कांस्य पदक के लिए मुकाबला होगा। अच्छा प्रदर्शन करने पर हम हॉकी का कांस्य पदक जीत सकते हैं। दोनों खिलाड़ियों पर गर्व है। उन्हें रेलवे हर तरह की संभव मदद देता रहेगा।
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