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Kanpur Violence: शहर काजी बोले- मैंने भी नुपुर के बयान की निंदा, गिरफ्तार करो, पढ़ें- इस्लाम-हिंसा और पुलिस कार्रवाई पर क्या बोले?

Mon, 06 Jun 2022 11:07 PM IST
आकाश दुबे माई सिटी रिपोर्टर, कानपुर

सार

बासमंडी स्थित दारुल कजा में उलमा की बैठक में शहर काजी मुफ्ती साकिब अदीब मिस्बाही बोले मैंने भी पूर्व भाजपा प्रवक्ता नुपुर शर्मा के बयान निंदा की थी, ऐसे में पुलिस उन्हें भी गिरफ्तार करे। मामले में हो रही पुलिस कार्रवाई को लेकर कहा कि मुस्लिम क्षेत्रों में अफरा-तफरी व दहशत का माहौल है।
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बैठक में मौजूद शहर काजी व अन्य - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कानपुर में शहर काजी मुफ्ती साकिब अदीब मिस्बाही ने कहा कि उपद्रव को लेकर गिरफ्तारी के नाम पर पुलिस मुसलमानों के साथ ज्यादती कर रही है। मुखबिर आम लोगों को कार्रवाई के नाम पर डरा रहे हैं। मुस्लिम क्षेत्रों में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। बेकसूर लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। कहा पूर्व भाजपा प्रवक्ता नुपुर शर्मा के बयान की उन्होंने भी निंदा की थी, पुलिस उन्हें भी गिरफ्तार करे।

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शहर काजी मिस्बाही ने ये बातें बासमंडी स्थित दारुल कजा में उलमा की बैठक में कहीं। उन्होंने कहा कि वह फसाद और हिंसा के खिलाफ हैं। इस्लाम में हिंसा की कतई गुंजाइश नहीं है, लेकिन शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने को भी हिंसा से जोड़कर देखा जा रहा है। यह गलत है। उलमा की बैठक में शहर काजी साकिब अदीब मिस्बाही ने कहा कि किसी गलत बात के खिलाफ विरोध दर्ज कराना हमारा संवैधानिक हक है।

आगे उन्होंने कहा कि कोई हमारे मजहब और पैगंबर के ऊपर आपत्तिजनक टिप्पणी करेगा तो उसे बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संविधान ने हमें इसकी आजादी दी है। इसी से मुल्क के कानून के तहत अपनी आवाज बुलंद करते रहेंगे। कोई हमें रोक नहीं सकता। जहां तक फसाद, हिंसा की बात है तो हम कल भी इसके खिलाफ थे और आज भी इसके खिलाफ हैं। इस्लाम में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है। हिंसा और विरोध दर्ज कराना दो अलग-अलग मामले हैं। इन्हें एक करके देखा जा रहा है।
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बैठक में कहा गया कि भाजपा प्रवक्ता के बयान के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया गया, बैठक की और ज्ञापन देकर विरोध दर्ज कराया गया। इसे हिंसा की घटना से जोड़ दिया गया और बेकसूर लोगों को फंसाया जा रहा है। शहर काजी ने कहा कि वह आवाम के साथ हैं और उस पर ज्यादती के खिलाफ जो कुछ बन पड़ेगा करते रहेंगे। इस मौके पर नायब शहर काजी कारी सगीर आलम हबीबी, मौलाना अब्दुल मुत्तलिब कादरी, मौलाना असगर अली यार अल्वी, मौलाना हमीयतुल्लाह तिरमिजी, हाफिज सुभानल्लाह, मौलाना अकील अहमद, हाफिज अब्दुर्रहीम बहराइची, मुफ्ती रफी अहमद निजामी आदि मौजूद रहे।
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