आज की व्यवस्था में जो कुछ है, उसमें से अच्छाइयों को अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनका जीवन धर्म और राष्ट्ररक्षा के लिए है। अंतिम सांस तक भारतवर्ष के लिए कार्य करेंगे। इस दौरान प्रदीप पाठक, प्रभात पाठक, किशन पाठक, प्रकाश मिश्रा, अमित पाठक आदि ने गुरू दीक्षा ग्रहण की।
हिंदू राष्ट्र के लिए दृढ़ संकल्पित होना होगा
पहले दिन धर्म सभा में पीठाधीश्वर निश्चलानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए हर व्यक्ति को दस व्यक्तियों को जोड़ना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार के भरोसे न रहें। अपनी समस्याओं को मिलकर आपस में निराकरण करें।
80 फीसदी स्वयं के भरोसे, 16 फीसदी राज्य सरकार और चार फीसदी समस्याएं केंद्र से निस्तारित होती हैं। बताया कि आज जो कंप्यूटर युग चल रहा है। उस कंप्यूटर का आविष्कार भी पुरी पीठ की देन हैं। पुरी पीठ के 143वें शंकराचार्य ने वैदिक गणित की रचना की थी। उसी के तीन सूत्रों के आधार पर अंग्रेज शिष्यों ने आगे का अनुसंधान कर कंप्यूटर का आविष्कार किया।