कानपुर देहात के डेरापुर से आतंकी हमले में शहीद श्यामबाबू के परिजनों ने कहा पुलवामा हमले का बदला लेने पर दिल को बड़ा सुकुन मिला है। पाकिस्तान में आतंकियों के ठिकानों पर बमबारी करके सैकड़ों आतंकियों के मारे जाने की खबर से दिल को राहत मिल गई लेकिन सरकार को अभी शांत नहीं बैठना चाहिए पाकिस्तान को और सबक सिखाने की जरूरत है।
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यह बातें रैगवां के शहीद सीआरपीएफ जवान श्यामबाबू की मां कैलाशी देवी ने कहीं। उन्होंने कहाकि देश की सेवा के लिए जरूरत पडने पर दूसरे बेटे को भी भेजने को तैयार हैं। रैगवां के रहने वाले सीआरपीएफ जवान श्यामबाबू पुलवामा में आतंकी हमले में शहीद हो गए थे।
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उनके घर में मातम छाया हुआ है बेटे को खोने के दर्द से तड़प रहीं मां कैलाशी देवी, पिता रामप्रसाद व पत्नी रूबी को मंगलवार को काफी राहत मिल गई। शहीद की मां ने कहा कि सरकार ने बड़ा कदम सही समय पर उठाया है। देश ने एक साथ 40 बेटे खो दिए इसका बदला लेना बेहद जरूरी था।
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कहा कि पाकिस्तान में घुसकर सैकड़ों आतंकियों के मारे जाने की खबर से दिल का सुकुन मिल गया। सरकार पाकिस्तान को ऐसा सबक सिखा दे कि भविष्य में वह आंतकियों को पनाह देने की हिम्मत न कर सके। उन्होंने कहा कि बेटे के जाने का दर्द है लेकिन गर्व इस बात का है कि देश सेवा के लिए बेटा शहीद होकर अमर हो गया है।
अब जरूरत पडने पर दूसरे बेटे कमलेश को भी सेना में भेजने के लिए तैयार हैं। शहीद के पिता रामप्रसाद ने कहा कि भारतीय सेना को अभी बहुत कुछ करना चाहिए। अब तो बदला लेने की आग और बढ़ गई है आतंकियों को पनाह देने वाला पाकिस्तान पूरी तरह से तबाह हो जाए तभी दिल को पूरी तरह से सुकुन मिलेगा और शहीदों की आत्मा को शांति मिलेगी।