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Kanpur News: लेखपालों के बस्ता जमा करने से जनता की बढ़ी मुश्किलें

Mon, 28 Sep 2026 01:41 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
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कानपुर देहात। जनपद में कुल 144 लेखपालों ने अतिरिक्त कार्यक्षेत्र का चार्ज छोड़ दिया। सभी छह तहसीलों में लेखपालों के बस्ते जमा करने को पांच दिन हो चुके हैं। इधर, वैकल्पिक व्यवस्था तय नहीं होने से आय, जाति, निवास व ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र के लिए करीब 1200 से अधिक आवेदन लंबित हैं। जरूरतमंद तहसीलों में भटक रहे हैं।
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जिले में छह तहसीलें हैं। भत्ता वृद्धि व अन्य मांगों को लेकर प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर जिले में कार्यरत 144 लेखपालों ने अतिरिक्त गांवों का चार्ज 22 सितंबर को छोड़ दिया। लेखपालों ने साफ कहा कि मांगे मानी जाने तक वह अतिरिक्त कार्यभार नहीं करेंगे। इन गांवों के बस्ते भूलेख कार्यालयों में जमा कर दिए। अब ये लेखपाल केवल मूल तैनाती वाले गांवों में पदेन दायित्व निभा रहे हैं। अतिरिक्त क्षेत्र का चार्ज छोड़ने के बाद अब इन 144 गांवों की जनता की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
लेखपाल ऑनलाइन आने वाले आय, जाति, निवास या ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र आवेदनों को तहसीलदार की लॉगइन पर वापस कर रहे हैं। जबकि वरासत दर्ज करने और खसरा-खतौनी संबंधी कोई कार्य भी नहीं हो रहा है। इसके चलते पांच दिन में प्रत्येक तहसील में औसतन दो सौ आवेदनों के अनुसार 1200 से अधिक आवेदन लंबित हो गए हैं। आगे इन आवेदनों की संख्या और बढ़ेगी। जबकि अन्य काम प्रभावित होने को लेकर लोग परेशान है। हर दिन सैकड़ों लोग तहसील आकर आवेदनों की जानकारी करने के बाद मायूस होकर लौट रहे हैं। अकबरपुर तहसील इकाई लेखपाल संघ के अध्यक्ष राकेश मिश्रा ने बताया कि मांगों को लेकर सरकार को पहले से ही अवगत कराया गया था। इसके लिए सांकेतिक धरना भी दिया जा चुका है। कोई निर्णय नहीं होने पर अतिरिक्त क्षेत्र का चार्ज छोड़ना पड़ा।
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जनसुनवाई शिकायतों के निस्तारण भी अटके
जनसुनवाई और संपूर्ण समाधान दिवस में अधिकांश शिकायतें राजस्व संबंधी होती हैं। इन शिकायतों के निस्तारण के लिए लेखपाल ही जांच करते हैं। हालांकि राजस्व निरीक्षक पर्यवेक्षण करते हैं लेकिन इनकी संख्या कम है तो लेखपालों की जांच ही निस्तारण का आधार होती है। लेखपालों के अतिरिक्त क्षेत्र का कार्यबहिष्कार करने से राजस्व संबंधी जनसुनवाई के निस्तारण भी लंबित हो गए हैं।
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आपदा में रिपोर्ट दे रहे लेखपाल
अतिरिक्त क्षेत्र के कार्यबहिष्कार के बाद भी लेखपाल आपदा में घर गिरी, पशु या फिर जनहानि की सूचना तहसील कार्यालय में दे रहे हैं। दरअसल आपदा की स्थिति में लेखपाल ही प्रारंभिक सूचना तय प्रारूप पर तहसील कार्यालय में उपलब्ध कराते हैं। इसके बाद राजस्व निरीक्षण जांच करते हैं और आगे आर्थिक मदद देने की प्रक्रिया की जाती है। बृहस्पतिवार रात से रविवार सुबह तक मौसम का रुख खराब रहा। लगातार बारिश हुई। अकबरपुर तहसील इकाई अध्यक्ष राकेश मिश्रा ने बताया कि दैवी आपदा में घर गिरी के मामलों की लेखपालों की ओर से रिपोर्ट दी जा रही है।
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बयान.....
लेखपालों के प्रांतीय नेतृत्व की शासन स्तर पर बातचीत चल रही है। जल्द ही कोई समाधान निकलने की उम्मीद है। दैवी आपदा के मामलों में लेखपाल अतिरिक्त कार्यक्षेत्र में भी काम कर रहे हैं। संबंधित क्षेत्र से लगातार रिपोर्ट आ रही हैं। प्रमाण पत्र या अन्य कार्यों लिए लोग परेशान न हों इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। - अमित कुमार, एडीएम प्रशासन
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लोगों ने बताई समस्या
निवास प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन किया है। इधर लेखपाल ने बताया कि अतिरिक्त क्षेत्र था अब इसका चार्ज उन्होंने छोड़ दिया है। तहसील कार्यालय कई गए लेकिन समाधान नहीं हो सका है। - कमल सिंह, जलालपुर नागिन
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प्रतियोगी परीक्षा के लिए बेटी का ईडब्ल्यूएस बनवाना है। आवेदन करने के बाद अब अतिरिक्त क्षेत्र में तैनात लेखपाल ने कार्य बहिष्कार कर दिया है। ऐसे में ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहा है। - सतीष कुमार, शेरपुर तरौंदा
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