अनुपम दुबे की पांच संपत्तियां कुर्क की गई हैं
फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला भूसा मंडी कानपुर रोड पर बसपा नेता के दो प्लाट एसपी विकास कुमार की मौजूदगी में पुलिस ने कुर्क कर लिए। राजेपुर क्षेत्र के गांव चाचूपुर जटपुरा में बसपा नेता व उनके परिजनों के नाम पर दर्ज कृषि भूमि भी पुलिस ने कुर्क कर ली। एसपी विकास कुमार ने बताया कि राज्य स्तरीय माफिया अनुपम दुबे की पांच संपत्तियां कुर्क की गई हैं।
गैंगस्टर अधिनियम के तहत कुर्क की गई हैं संपत्तियां
कुर्क की गई संपत्ति की बाजारू कीमत कुल कीमत 10.60 करोड़ रुपये है। अभी तक माफिया व उनके परिजनों, सहयोगियों की सौ करोड़ की संपत्ति कुर्क की जा चुकी है। एसपी ने बताया कि अपराध करके एकत्र की गई संपत्ति को पुलिस ने गैंगस्टर अधिनियम के तहत कुर्क किया है। ऐसे में जो भी अपराध करके संपत्ति एकत्र करेगा उसका भी यही हाल किया जाएगा।
20 करोड़ का होटल गुरुशरणम् हो चुका है ध्वस्त
फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कसरट्टा निवासी बसपा नेता माफिया डॉ. अनुपम दुबे ठेकेदार शमीम व इंस्पेक्टर रामनिवास हत्याकांड में आगरा जेल में निरुद्ध है। उसका ब्लॉक प्रमुख भाई अमित दुबे उर्फ बब्बन धोखाधड़ी के मुकदमे में हरदोई जिला जेल में बंद है। तीसरे नंबर का प्रधानाध्यापक भाई अनुराग दुबे उर्फ डब्बन अपहरण व अवैध शस्त्र के मुकदमे में फरार चल रहा है। उस पर एसपी विकास कुमार ने 25 हजार का इनाम घोषित कर रखा है। डब्बन के खिलाफ कुर्की चस्पा की कार्रवाई के बाद फरारी में धारा 174 ए का मुकदमा भी मऊदरवाजा थाने में दर्ज हो चुका है।
आलीशान होटल गुरुशरणम् होटल कर दिया था जमींदोज
पुलिस की कई टीमें डब्बन की तलाश में लगी हुई हैं। अनुपम दुबे व भाई अनुराग दुबे सहित अन्य के खिलाफ शहर कोतवाली में गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज किया गया था। डीएम ने माफिया अनुपम दुबे व उनके परिजनों की संपत्ति कुर्क करने के आदेश दिए थे। पुलिस व प्रशासन ने माफिया व उनके सहयोगियों की 90.40 करोड़ की बाजारू कीमत की संपत्ति कुर्क कर ली थी। प्रशासन ने बसपा नेता अनुपम दुबे का आलीशान होटल गुरुशरणम् होटल जमींदोज कर दिया था।
भूसा मंडी की करोड़ों की जमीन हासिल करने में लगाया था एड़ी-चोटी का जोर
बसपा नेता के भाई डब्बन दुबे ने फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला भूसा मंडी की करोड़ों की जमीन को हासिल करने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाया था। इसमें एक भाई से सौदा करने के बाद दूसरे भाई से दबाव बनाकर बैनामा करवाने के संबंध में कई बार आरोप लगे थे। इस जमीन को हासिल करने के लिए कई राजनीतिक सफेदपोश नेताओं से बसपा नेता ने हाथ मिला लिया था। इसमें नेताओं ने भी बसपा नेता से लाखों की रकम ली थी।