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UP: रुपये के लालच में की थी बुजुर्ग की हत्या; जेब में मिले थे 70 हजार, अब झाड़ियों से मिला कंकाल

Thu, 26 Oct 2023 01:09 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, फर्रुखाबाद

सार

फर्रुखाबाद में बुजुर्ग की हत्या के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। बुजुर्ग की हत्या रुपये के लालच में की थी। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
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Elderly man murder - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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फर्रुखाबाद में रुपये के लालच में तीन लोगों ने बुजुर्ग की हत्या कर दी थी। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पकड़े गए आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने वृद्ध का कंकाल व हत्या में प्रयुक्त ईंट बरामद कर ली है।
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मऊदरवाजा थाना क्षेत्र के गांव बिलावलपुर ढकेलापुर निवासी वृद्ध पातीराम 29 सितंबर को गांव कटरी धर्मपुर निवासी तीसराम के साथ घर से गए और नहीं लौटे। 13 अक्तूबर को अवनीश ने पिता के लापता होने के संबंध में थाने में तहरीर दी। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी थी।

बुधवार को एसपी विकास कुमार ने पुलिस लाइन के सभागार में बताया कि लापता वृद्ध पातीराम की उसके साथी गांव कटरी धर्मपुर निवासी तीसराम ने गांव ढुइया निवासी समधी रमेश व कांशीराम कालोनी निवासी रामनरेश के साथ मिलकर हत्या कर शव को रेलवे लाइन के पास झाड़ियों में छिपा दिया था। 
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पातीराम की जेब से 70 हजार रुपये मिले थे। तीसराम ने पांच सौ रुपये समधी रमेश को व दो सौ रुपये रामनरेश को दिए थे। पुलिस ने पकड़े गए लोगों की निशानदेही पर सीपी इंटरनेशनल स्कूल के पीछे रेलवे लाइन के पास झाड़ियों से वृद्ध का कंकाल बरामद कर लिया।

घटना में प्रयुक्त ईंट भी बरामद कर ली गई। एसपी ने बताया कि रुपये के लालच में तीसराम ने समधी व रामनरेश के साथ मिलकर हत्या करने की साजिश बनाई थी। साजिश के तहत तीनों ने पहले शराब पी थी।

पातीराम जब नशे में हो गया तो उसको रेलवे पटरी के पास बहाने से लेकर गए थे। पुलिस ने तीनों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया। इस दौरान सीओ सिटी प्रदीप कुमार सिंह व एसओ मऊदरवाजा आमोद कुमार सिंह मौजूद रहे।

गला कसने के बाद ईट से किया था हमला
पकड़े गए आरोपी तीसराम ने बताया कि वह वृद्ध पातीराम को डेढ़ वर्ष से जानता था। वह अक्सर पातीराम के साथ बैठकर शराब पीता था। समधी रमेश को 15 हजार रुपये की आवश्यकता थी। पातीराम नवाबगंज में किसी व्यक्ति से जमीन ब्रिकी कराने का कमीशन लेकर आया था। रुपये के लालच में उसने समधी रमेश व साथी रामनरेश के साथ मिलकर पातीराम को ठिकाने लगाने की साशि बनाई। चारों लोगों ने चुंगी के पास शराब पी।

इसके बाद पातीराम को आवाजपुर में बेटी के यहां चलने के बहाने रेलवे लाइन के पास लेकर गए। वहां समधी व रामनरेश ने पातीराम के हाथ पकड़ लिए और तीसराम ने रस्सी से उसका गला कसा। लेकिन पातीराम की सांस चल रही थी। इस पर उसके सिर पर ईंट मारकर उसकी हत्या कर दी। शव को झाड़ियों में छिपाकर चले आए थे।

पुलिस की लापरवाही से कंकाल बना पातीराम
पुलिस की लापरवाही से पातीराम का शव की जगह कंकाल बरामद हुआ। पुलिस ने मुख्य आरोपी तीसराम को पूछताछ के बाद छोड़ दिया था। पुत्र की शिकायत पर एसपी ने फटकार लगाई थी। उसके बाद सक्रिय हुई पुलिस ने हत्या का खुलासा किया।
 

पुत्र अवनीश ने पिता पातीराम की गुमशुदगी दर्ज कराते समय तीसराम पर शक जाहिर किया था। पातीराम को पकड़ पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की। तीसराम पुलिस को गुमराह कर रामगंगा तक लेकर गया था। पुलिस ने पातीराम व तीसराम के मोबाइल की घटना के दिन की लोकेशन निकलवाई। इसके बाद कड़ी से कड़ी जोड़कर समधी रमेश व रामनरेश को पकड़ लिया। पुलिस ने पूछताछ में बाद पातीराम का कंकाल बरामद कर लिया।
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कंकाल में हाथ में पातीराम की घड़ी, पास में एक छड़ी, चप्पल, सफेद मोती की माला, एक बाल बांधने का जूड़ा, काली कोटी व धोती, कुर्ता व एक थैला जिसमें पासबुक व आधार कार्ड बरामद कर लिया। पातीराम का मोबाइल भी पकडे़ गए तीसराम की निशानदेही पर बरामद किया गया। पुत्र अवनीश ने बताया कि पिता पातीराम के पास आठ लाख रुपये थे। पुलिस पहले तीसराम को पकड़कर नहीं छोड़ती तो पिता का कंकाल की जगह पर शव बरामद होता। पुलिस की लापरवाही के चलते पिता का कंकाल बरामद हुआ है। 
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