आईआईटी कानपुर के असिस्टेंट दलित प्रोफेसर के उत्पीड़न के मामले में इंस्टीट्यूट के बोर्ड ऑफ गवर्नेंस (बीओजी) ने शुक्रवार को दोषी पाए गए तीनों प्रोफेसरों को डिमोट करने का फैसला वापस ले लिया। हालांकि, तीनों के इन्क्रीमेंट रोकने के आदेश दिए गए हैं, जबकि एक को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।
बोर्ड ने शुक्रवार को करीब सात घंटे आईआईटी कानपुर में बैठक की। इसमें सर्विस रूल्स के उल्लंघन के तहत पूर्व में सुनाई गई सजा पर सुनवाई करते हुए बोर्ड ने आरोपी प्रोफेसरों के स्पष्टीकरण पर भी चर्चा की। चारों ने करीब एक-एक हजार पन्नों का जवाब दिया था। इसके कुछ अंश ही शामिल किए गए। घंटों बहस के बाद डिमोट किए गए तीनों प्रोफेसरों चेतावनी देते हुए उनकी सजा घटा दी गई। दोषी प्रोफेसरों में आईआईटी धनबाद के निदेशक प्रो. राजीव शेखर, प्रो. सीएस उपाध्याय और प्रो. संजय मित्तल शामिल हैं, जबकि प्रो. ईशान शर्मा को पूर्व में ही केवल कड़ी चेतावनी देकर छोड़ दिया गया था।