चित्रकूट जिले में पांच दशक बाद डकैतों के इतिहास में पहली बार महिला दस्यु सुंदरी साधना पटेल का नाम सामने आया है। यह भी पहली बार हुआ कि उसे दस हजार का इनामी घोषित कर दिया गया है। गैंग सरगना नवल धोबी के जेल जाने के बाद अब उसने गैंग की कमान संभाल ली है। पुलिस अधीक्षक ने जल्द ही इस गैंग को खत्म करने की बात कही है।
जिले की सीमा से सटे मप्र नयागांव क्षेत्र में फिर से डकैतों की धमाचौकड़ी शुरू हो गई है। खासकर यूपी क्षेत्र के भरतकूप और आसपास के गांव में इनकी दहशत है। दस हजार के इनामी डकैत दीपक शिवहरे गैंग में आधा दर्जन सदस्य हैं। जिसकी कमांड बगैहा निवासी साधना पटेल ने संभाल रखी है। शनिवार को सतना पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह गौर ने बताया कि महिला दस्यु पर दस हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। गैंग में पहले से तीन दस हजार के इनामी सदस्य हैं। जिसमें डाकू नवल धोबी का साला अजय उर्फ रावेंद्र भी शामिल है।
भरतकूप क्षेत्र के बगैहा निवासी साधना पटेल के बारे में बताया गया है कि उसे डकैतों का सानिध्य बचपन से ही मिल गया था। डाकू नवल धोबी के साथ वह गैंग में रहती थी। सरगना के जेल जाने के बाद साधना पटेल ने धीरे-धीरे नया गैंग तैयार किया। जिसमें दीपक, अजय, जितेंद्र समेत छह लोग हैं। यह पाठा क्षेत्र में पहली बार हुआ है कि किसी महिला दस्यु सुंदरी का नाम सामने आया और उस पर दस हजार का इनाम घोषित हुआ है।