मेट्रो के उपरिगामी रूप की तरह बनेंगे पिलर
अन्य मार्गों पर रैंप उतारने की जगह उपयुक्त पाई गई। इसके बाद तय किया गया कि जरीबचौकी क्रॉसिंग पर पुल के लिए कालपी रोड की तरफ से रैंप और सिंगल पिलर बनेंगे। ये पिलर उसी तरह बनेंगे, जिस तरह मेट्रो के उपरिगामी रूप के लिए बने हैं। पिलर गहरी सीवर लाइन को बचाते हुए बनाए जाएंगे। क्रॉसिंग के दूसरी तरफ जीटी रोड पर दोनों तरफ और संगीत टॉकीज रोड पर पिलर बनेंगे।
जरीबचौकी चौराहे पर मल्टी डायमेंशनल पुल बनेगा। पुल पर कालपी रोड, जीटी रोड पर दोनों तरफ और संगीत टॉकीज रोड पर चढ़ा और उतरा जा सकेगा। कमिश्नर के निरीक्षण और निर्देश के बाद डीपीआर बनानी शुरू कर दी है। -विजय कुमार सेन, प्रोजेक्ट मैनेजर, सेतु निगम
सेतु निगम की डीपीआर के बाद रेलवे करेगा अपने प्रोजेक्ट पर मंथन
सेतु निगम की डीपीआर बन जाने के बाद रेलवे अपने प्रोजेक्ट पर मंथन करेगा। मंथन इस बात पर होगा कि आईआईटी से शुरू होने वाले एलिवेटेड ट्रैक को जरीबचौकी क्रॉसिंग के पहले उतारा जाए या बाद में। पहले उतारने में एक समस्या यह आ सकती है कि पर्याप्त ऊंचाई न मिलने पर गुमटी क्रॉसिंग बंद हो सकती है। क्रॉसिंग के बाद तेजाब मिल के पास उतारते हैं, तो क्रॉसिंग बंद होगी। लेकिन ओवरब्रिज बन जाने से परेशानी नहीं होगी। ओवरब्रिज के नीचे से एलिवेटेड ट्रैक गुजारा जाएगा।
इन अड़चनों और प्रस्तावों पर हुई माथापच्ची
पूर्वोत्तर रेलवे ने सर्वे कराकर आईआईटी से जरीबचौकी तक एलिवेटेड ट्रैक बनाने को हरी झंडी 28 जुलाई 2022 को दी थी। डीपीआर अगस्त में तैयार हुई। रेलवे बोर्ड होते हुए नीति आयोग तक मामला पहुंचा, लेकिन पूर्व मंडलायुक्त लोकेश एम को इस डिजाइन की खामी से आपत्ति हुई। क्योंकि इसमें जरीबचौकी और तेजाब मिल कैंपस के बीच में एलिवेटेड ट्रैक को गिराने से जरीबचौकी क्रॉसिंग बंद हो रही थी।
पहले सर्वे में फिजिबिलिटी नहीं मिली
इसके बाद दूसरा रास्ता निकालने पर चर्चा हुई। सेतु निगम से जरीबचौकी पर आरओबी बनाने को कहा, लेकिन पहले सर्वे में फिजिबिलिटी न मिलने की बात कहकर मना कर दिया। फिर रेलवे ने एलिवेटेड ट्रैक को अनवरगंज स्टेशन तक बढ़ाने का प्रस्ताव दिया लेकिन रेलवे की संयुक्त कमेटी के दो बार के सर्वे के बाद इसकी संभावना को भी खारिज कर दिया। अब सेतु निगम ने जरीबचौकी पर आरओबी बनाने पर सहमति दी है।