सरकारी और निजी अस्पतालों में भटकते रहे परिजन
सात सितंबर की शाम को कल्याणपुर थाने जाकर पुलिस से गुहार लगाई, पर पुलिस ने अर्जी लेकर टरका दिया। रात नौ बजे अस्पताल वाले एंबुलेंस से बेहोश बहू को ले जाने लगे। पूछने पर कहा कि जांच के लिए ले जा रहे हैं। बाद में अस्पताल वालों ने उन्हें भी भगा दिया। रातभर बहू की तलाश में सरकारी और निजी अस्पतालों में भटकते रहे।
मरीज को मेडिसिन विभाग में भर्ती कराया था
सुबह सात बजे हैलट इमरजेंसी पहुंचने पर बहू की लाश मिली। उधर, हैलट इमरजेंसी में ड्यूटी कर रहे वार्डबॉय शुभांकर ने बताया कि वह मरीज को स्ट्रेचर से इमरजेंसी में ले जाने लगा। तभी साथ आए लोग एम्बुलेंस सहित भाग गए। 1:15 बजे उसने इस मरीज को मेडिसिन विभाग में डॉ. बीपी प्रियदर्शी की यूनिट में भर्ती कराया था।
कंपाउंडर ही खुद को डॉक्टर बताकर करते थे इलाज
शिवमंगल ने बताया कि नर्सिंगहोम में कंपाउंडर ही खुद को डॉक्टर बताते हुए इलाज भी करते थे। तीन बार बाहर से डॉक्टर बुलाए तो उनके नाम पर भी एक-एक हजार रुपये लिए थे।
कुछ लोग मरीज को बेहोशी की हालत में गेट पर छोड़ गए थे। मरीज को इमरजेंसी में भर्ती किया गया था। काफी प्रयास के बाद भी बचाया नहीं जा सका। -डॉ. बीपी प्रियदर्शी, मेडिसिन विभाग, जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज
मरीज की मौत की जानकारी हुई है। नौ तारीख को मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. आलोक रंजन, सीएमओ
प्रसूता के शव का पोस्टमार्टम शनिवार सुबह होगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों की तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। -धनंजय कुमार पांडेय, कल्याणपुर थाना प्रभारी