साथ ही, दहशत में आकर इधर उधर भागने पर मजबूर हो गए थे। वहीं, 15 ऐसे गवाह शामिल किए गए हैं, जिनके सामने फायरिंग हुई थी। अब तक की विवेचना में पांच पुलिसकर्मियों को भी शामिल किया गया है। इनके द्वारा ही बताया गया है कि घटना की शुरुआत कैसे हुई। कैसे जुलूस हिंसा में बदला और फिर पथराव शुरू हो गया।