एल्डर कमेटी के पदाधिकारियो के सामने मेज पर चढ़कर हंगामा करते अधिवक्ता।
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कानपुर। लायर्स चुनाव की वोटिंग के दिन जमकर हंगामा हुआ। बिना पर्ची वोट डालने पर अड़े करीब डेढ़ सौ वकील गेट तोड़कर अंदर घुसे तो मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने थोड़ी देर वोटिंग रुकवा दी। इससे नाराज कुछ वकीलों ने बैलेट पेपर फाड़ दिए। भारी हंगामे के बीच बूथ नंबर चार की मतपेटियों में पानी डाल दिया गया। कुर्सी-मेज पलट दिए। इस कारण करीब डेढ़ घंटे पहले ही वोटिंग रोक दी गई। आचार संहिता तार-तार होने की जिम्मेदारी लेते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी नियाज अहमद खां ने इस पद के साथ ही एल्डर्स कमेटी की सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया है। अब चुनाव दोबारा कराने या दोपहर 3:30 बजे तक पड़े वोटों की गिनती कर परिणाम घोषित करने पर एल्डर्स कमेटी शुक्रवार को फैसला लेगी। देर शाम मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मतपेटियां सील करा दी थीं।
लायर्स एसोसिएशन चुनाव में 64 प्रत्याशी मैदान में थे। 4,437 वोटरों को 19 पदाधिकारी चुनने के लिए तय समय से आधा घंटा लेट सुबह 8:30 बजे वोटिंग शुरू हुई। डीसी लॉ कालेज में वोटिंग के लिए एल्डर्स कमेटी ने यू टर्न में बैरिकेडिंग कराई थी। गेट के पास ही वोटरों की पर्ची बनाने के काउंटर लगाए गए थे। इन काउंटर से पर्ची लेते हुए वकील वोट डालने के लिए गेट से प्रवेश करते थे। बैरिकेडिंग में जाली भी लगवाई गई थी जिससे कोई बीच से लाइन में न घुस सके। दोपहर 2:30 बजे लंच हुआ। तीन बजे से फिर से वोटिंग चालू कराई गई। करीब 3:15 बजे पर्ची बनाने वाले काउंटर पर काफी भीड़ लग गई। कुछ वकीलों ने बिना पर्ची अंदर जाने का प्रयास किया तो रोक दिया गया। इससे नाराज वकीलों ने गेट पर हंगामा शुरू करते हुए मेटल डिटेक्टर पलट दिया। इसी बीच बिना लाइन के बाहर की तरफ से और वकील आ गए। 3:25 बजे गेट पर जमा करीब डेढ़ सौ वकीलों ने गेट पर जोर का झटका मारते हुए चेन तोड़ दी और अंदर घुस गए। कोतवाली इसंपेक्टर ने अराजकता की स्थिति देख फोर्स के साथ दुबारा गेट बंद कराया। बिना पर्ची के वोट डालने पर अड़े वकील मुख्य निर्वाचन अधिकारी से भिड़ गए। हंगामा शुरू होने पर दोपहर 3:35 बजे वोटिंग रुकवा दी गई।
पुलिस फोर्स बैठी रही
बाहर गेट पर हंगामा करते हुए गेट तोड़ने पर भी पुलिस फोर्स बैठी रही। बाद में कोतवाली इंसपेक्टर ने कुछ सिपाहियों की मदद से गेट बंद कराया। अंदर कुर्सी-मेज पलटे जाने, हंगामा करने और धक्का-मुक्की पर भी पुलिस मूक दर्शक बनी रही।
प्रत्याशियों में बेचैनी
लाखों रुपये फूंक चुके अध्यक्ष और महामंत्री के दावेदारों में बैचेनी है। ज्यादातर वकील दुबारा वोटिंग की संभावना जता रहे हैं। अगर दुबारा चुनाव हुआ तो प्रत्याशियों का खर्च और बढ़ जाएगा। आखिर के डेढ़ घंटे बचे वोटिंग के समय में पूरा खेल बिगड़ गया।
नशे में धुत थे कई वकील
लायर्स चुनाव में कई युवा अधिवक्ता नशे में धुत थे। एल्डर्स कमेटी के सदस्य और सीनियर एडवोकेट इन्हें काफी समझाते रहे लेकिन ये लोग किसी की नहीं सुन रहे थे। आखिर में सीनियर एडवोकेट ने भी इनसे किनारा कर लिया।
सबूत हैं, हो सकती कार्रवाई
सीसीटीवी कैमरों में हंगामे, कुर्सी-मेज पटकने और अन्य हरकतों के सबूत कैद हैं। अगर एल्डर्स कमेटी ने कड़ा एक्शन लेते हुए बार कौंसिल उत्तर प्रदेश को कार्रवाई के लिए लिख दिया तो कई अधिवक्ता कार्रवाई के घेरे में आ सकते हैं।