सिपाही ने पत्नी को उतारा मौत के घाट, दो दिन तक शव दीवान में छिपाए रखा
Sun, 26 Feb 2017 09:57 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
सार
- सिपाही ने पत्नी की हत्या कर शव दीवान में छिपाया
- दो दिन बाद शव ठिकाने लगाए जाने के दौरान हुआ खुलासा
- मारपीट करने के बाद मुंह दबाया, उरई में तैनात है सिपाही
कानपुर में रिश्तों को शर्मशार करने वाली घटना सामने आई है। एक पुलिसवाले ने अपनी पत्नी को मौत के घाट उतार दिया। यही नहीं पुलिसवाले ने अपने परिवारवालों को पत्नी की हत्या की बात बताई।
विज्ञापन
उरई में तैनात और कल्याणपुर के बिनुआपुर (इंद्रानगर) में रहने वाले सिपाही ने मारपीट करने के बाद मुंह दबाकर पत्नी की हत्या कर दी। इसके बाद शव को दीवान में छिपाने के बाद दो दिन तक इधर-उधर घूमता रहा। छिबरामऊ स्थित अपने घर भी गया और परिवार वालों को इसकी जानकारी दी। इसके चलते परिवार घर में ताला लगाकर फरार हो गया तो सिपाही कल्याणपुर स्थित घर लौट गया।
शुक्रवार रात शव ठिकाने लगाने के दौरान शव समेत सीढ़ी से गिर गया तो मकान मालिक ने देख लिया। आसपास के लोग भी जुटे तो सिपाही शव छोड़कर फरार हो गया। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने सिपाही के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
विज्ञापन
कन्नौज जिले के छिबरामऊ के लड़ैते थानाक्षेत्र के निगोह गांव निवासी और संग्रह अमीन सत्यराम यादव का बेटा सनोज कुमार यादव 2011 में यूपी पुलिस में सिपाही पद पर भर्ती हुआ था। वर्तमान में उरई में एसपी दफ्तर मेें सम्मन सेल में तैनात है। उसकी शादी भर्थना (इटावा) के इंद्रा नगर निवासी एक इंटर कॉलेज के लेक्चरर ओम शिवाय यादव की बड़ी बेटी अर्चना से 22 मई 2010 को हुई थी।
यहां से शुरू हुआ दोनों के बीच झगड़ा
सिपाही की पत्नी अर्चना की फाइल फोटो, हत्यारोपी सिपाही की फोटो
यहां से शुरू हुआ झगड़ा
दोनों के पांच साल का बेटा हर्षत है। सनोज परिवार के साथ बिनुआपुर में राम सजीवन यादव के घर में किराए पर रहता था। ओम शिवाय ने बताया कि सनोज और उसके परिजनों ने प्लाट खरीदने और हर्षत की पढ़ाई के लिए पांच लाख रुपये की मांग शुरू कर दी थी। कई बार उन्होंने कुछ रकम दी, लेकिन वह संतुष्ट नहीं हुआ और अर्चना को प्रताड़ित करने लगा। बकौल ओम शिवाय जनवरी के पहले सप्ताह में सनोज ने अर्चना को मारपीटकर घर से निकाल दिया और बेटे हर्षत को छिबरामऊ में अपने माता-पिता के घर भेज दिया।
बेटे की बीमारी का बहाना बनाकर बुलाया था अर्चना को
डेमो
बेटे की बीमारी का बहाना बनाकर बुलाया था अर्चना को
पहले वह कल्याणपुर में ही रहकर पढ़ाई करता था। उधर अर्चना भी नेट की तैयारी करने के लिए 21 जनवरी को दिल्ली चली गई। वहां एक गर्ल्स हास्टल में रहती थी। 23 फरवरी को सनोज ने बेटे की बीमारी का बहाना बनाकर अर्चना को बुला लिया। आरोप है कि काफी देर तक इधर उधर घूमने के बाद उसने घर ले जाकर अर्चना की हत्या कर दी और शव दीवान में छिपाकर फरार हो गया। शुक्रवार देर रात वह घर लौटा और शव ठिकाने लगाने के लिए एक बोलेरो मंगाई। मेन गेट में ताला लगा होने की वजह से वह शव लेकर सीढ़ी के सहारे नीचे उतरने लगा। डंडा टूटने से वह शव लेकर नीचे आ गिरा।
ऐेसे खुल पाया अर्चना की हत्या का राज
डेमो
ऐेसे खुल पाया अर्चना की हत्या का राज
जिस वक्त सनोज पत्नी की लाश को ठिकाने लगाने में लगा था उसी दौरान बांदा से घर लौटे मकान मालिक राम सजीवन के बेटे मोहित ने सनोज को देख लिया। उसके शोर मचाने पर सनोज फरार हो गया। मोहित की सूचना पर रात करीब एक बजे एसएसपी आकाश कुलहरि समेत कई पुलिस अफसर और फोरेंसिक टीम पहुंची। छानबीन के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया और मायके वालों को सूचना दी। इंस्पेक्टर देवेंद्र विक्रम सिंह के मुताबिक सिपाही की तलाश की जा रही है। सिपाही के खिलाफ एसपी उरई को भी सूचना भेजी गई है।
बेड की प्लाई में मिले अर्चना के खून के निशान
डेमो
बेड की प्लाई में मिले अर्चना के खून के निशान
दम घुटने से मौत, शरीर चोट के 12 निशान अर्चना ने अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष भी किया। पुलिस और फोरेंसिक टीम को घर का शीशा टूटा मिला है। कमरे का सामान भी इधर-उधर बिखरा था। बेड की प्लाई और दीवान में खून के निशान मिले हैं। फर्श पर भी खून के धब्बे मिले हैं।
मारने से पहले बनाए शारीरिक संबंध
मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक अर्चना से शारीरिक संबंध भी बनाए गए हैं। शनिवार को आई रिपोर्ट में दम घुटने से मौत की पुष्टि हुई है। सिर, चेहरे, होंठ, जीभ, जांघ और अंगुली में चोट के कुल 12 निशान मिले हैं। डॉक्टरों ने अर्चना की स्लाइड भी बनवाई है। डॉक्टरों के मुताबिक शव दो दिन पुराना है। इससे साफ है कि अर्चना की हत्या 23 फरवरी को हुई थी। मौत दम घुटने से हुई है।