यूपी में अब गैंगस्टर एक्ट के तहत जब्त व कुर्क की गईं अपराधियों की संपत्तियों का पुलिस सरकारी उपयोग करेगी। कानपुर में पहली बार इस तरह की व्यवस्था शुरू होने जा रही है। इसकी शुरुआत पूर्व विधायक इरफान सोलंकी के करीबी शौकत अली के सिविल लाइंस स्थित अपार्टमेंट से होने जा रही है।
कोर्ट की सुरक्षा में तैनात स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स (एसएसएफ) के 86 अफसरों व जवानों को शौकत के फ्लैटों में ठहराने की तैयारी है। इसके लिए कानपुर पुलिस की ओर से प्रस्ताव बनाकर एसएसएफ को भेजा गया है।
साथ ही इन फ्लैटों का निरीक्षण करने को कहा गया है। अधिकारियों का कहना है कि चूंकि कोर्ट का फैसला आने तक इन संपत्तियों को सुरक्षित रखने और जर्जर होने से बचाने की जिम्मेदारी पुलिस की होती है। ऐसे में पुलिस इन्हें सरकारी उपयोग में लाएगी। ताकि इनकी सुरक्षा भी होती रहे और रखरखाव भी बना रहे।
इरफान सोलंकी, विकास दुबे, जय बाजपेई की भी संपत्तियां हैं जब्त
इरफान सोलंकी व उनके करीबी शौकत अली, बिल्डर हाजी मोहम्मद वसी, मुख्तार बाबा, मोहम्मद अज्जन उर्फ एजाज बिरयानी की गैंगस्टर एक्ट के 14 (1) के तहत एक अरब 10 करोड़ रुपये की सपत्तियां कुर्क की गई हैं।
इसके अलावा विकास दुबे, जय बाजपेई, पिंटू सेंगर हत्याकांड के आरोपी पप्पू स्मार्ट, सऊद अख्तर समेत कई अन्य चर्चित मामलों के आरोपियों की संपत्तियां कुर्क और जब्त की गई हैं। इनमें मकान, दुकान, प्लाॅट, दो व चार पहिया वाहन, अपार्टमेंट, फ्लैट आदि शामिल हैं।
गैंगस्टर के तहत जब्त व कुर्क की गई अपराधियों की संपत्तियों को सुरक्षित रखा जा सके और रखरखाव बना रहे, इसलिए इनको सरकारी उपयोग में लाने की योजना है। इसी क्रम में एसएसएफ के जवानों को शौकत के सिविल लाइंस स्थित जब्त अपार्टमेंट में ठहराने का प्रस्ताव एसएसएफ के अफसरों को दिया है।