बच्ची ने पुलिस को बताया कि बाबा पापा से रोज झगड़ते हैं, आज फिर से उन्होंने ऐसा किया इससे गुस्सा होकर पापा सुसाइड करने जा रहे थे। पुलिस कमिश्नर असीम अरुण ने पीआरवी के तीनों जवानों को सम्मानित करने की घोषणा की है।
हेलो! पुलिस अंकल मेरे पापा को बचा लीजिए.. वो सुसाइड करने वाले हैं.. आप जल्दी से आकर बचा लीजिए, प्लीज पुलिस अंकल आप आएंगे न। यह सूचना सोमवार शाम करीब चार बजे सात साल की मासूम ने पुलिस कंट्रोल रूम में दी।
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पीआरवी ने पहुंचकर युवक के हाथों से जहर छीन उसकी जान बचाई। यह फोन नौबस्ता के मछरिया इलाके की रहने वाली एक बच्ची ने किया था। समाधि पुलिया के पास खड़ी पीआरवी 0440 की गाड़ी महज सात मिनट के अंदर मौके पर जा पहुंची।
पीआरवी पर तैनात सिपाही भोले बाबू पाठक, आशीष कुमार और अश्वनी ने युवक के हाथों से जहरीला पदार्थ छीनकर उसे आत्महत्या करने से रोक लिया। बच्ची ने पुलिस को बताया कि बाबा पापा से रोज झगड़ते हैं, आज फिर से उन्होंने ऐसा किया इससे गुस्सा होकर पापा सुसाइड करने जा रहे थे। पुलिस कमिश्नर असीम अरुण ने पीआरवी के तीनों जवानों को सम्मानित करने की घोषणा की है।
डायल 112 सिर्फ बड़े ही नहीं बच्चे भी समझने लगे हैं। जिसका ताजा उदाहरण आज नौबस्ता में देखने को मिला है। मासूम की कॉल पर पहुंची पुलिस ने उसके पिता की जान बचा ली।- असीम अरुण, पुलिस कमिश्नर