लखनऊ, झांसी, खजुराहो, टूंडला के लिए चलीं स्पेशल ट्रेनें
सेंट्रल स्टेशन से सुबह और शाम की पालियों में लखनऊ, झांसी, खजुराहो, टूंडला के लिए स्पेशल ट्रेनें चलाई गईं। यहां पर परीक्षार्थी की संख्या बस अड्डे के मुकाबले कम रही। दोपहर की परीक्षा छूटने के बाद सेंट्रल स्टेशन पर जरूर अभ्यर्थी आ गए थे, लेकिन शाम की पाली के बाद थोड़े-थोड़े अंतराल में परीक्षार्थी पहुंचे। दोपहर के वक्त नेताजी एक्सप्रेस, सीमांचल, नार्थ ईस्ट से कई युवा गए। शाम की पाली में फर्रुखाबाद छपरा एक्सप्रेस, झांसी फोर्ट और चौरीचौरा एक्सप्रेस से काफी संख्या में परीक्षार्थी रवाना हुए।
झकरकटी से चलीं 118 बसें, आगरा रूट की बसों के लिए करते रहे इंतजार
सुबह और शाम की परीक्षा छूटने के बाद पूरा भार झकरकटी, चुन्नीगंज और रावतपुर बस अड्डे पर आ गया। यहां इस कदर परीक्षार्थियों की भीड़ रही कि काफी संख्या में युवा खिड़की से बस के अंदर दाखिल हुए। अकेले झकरकटी बस अड्डे से अभ्यर्थियों के लिए 118 बसें चलाई गईं, जिसमें 47 आगरा रूट पर रवाना हुईं। शाम सात से नौ बजे तक झकरकटी बस अड्डे पर आगरा रूट की एक भी बस नहीं थी, जिसकी वजह से युवाओं ने रोडवेज प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। परिवहन अधिकारियों ने आगरा रूट की बसों को जल्दी झकरकटी आने के लिए निर्देशित किया। देर रात तक झकरकटी, लखनऊ, बांदा, झांसी रूट के लिए परीक्षा देने आए युवक और युवतियां बसों से रवाना हुए।
सेंट्रल स्टेशन पर बनाया कंट्रोल रूम
परीक्षा के लिए सेंट्रल स्टेशन पर कंट्रोल रूम बनाया गया, जहां से डिप्टी सीटीएम आशुतोष सिंह, एसीएम संतोष कुमार त्रिपाठी, आरपीएफ इंस्पेक्टर, जीआरपी प्रभारी आरडी यादव समेत अन्य अधिकारी पल पल की जानकारी लेते रहे। स्टेशन के प्लेटफार्म और अन्य जगहों पर आराम कर रहे अभ्यर्थियों को उनके गंतव्य के लिए जाने को बोला गया।
पहली बार माइक्रो लाउड हेलर का हुआ इस्तेमाल
सेंट्रल स्टेशन पर शुक्रवार को पहली बार माइक्रो लाउड हेलर का इस्तेमाल किया गया। इससे चेकिंग स्टाफ ने अभ्यर्थियों को अहम जानकारियां दी। पुलिस और प्रशासन की ओर से इसका इस्तेमाल पूर्व में भीड़ को निर्देश देकर नियंत्रित करने के लिए हो चुका है, सेंट्रल स्टेशन पर पहली बार उपयोग हुआ।