लेकिन वह मोबाइल चोरी हो गया था। पुलिस की किरकिरी होने के बाद पुलिस ने मालखाने के चौकीदार अजय कुमार के पास से मोबाइल बरामद कर उसे जेल भेज दिया। वहीं इस संबंध में एसपी आउटर का कहना है कि मामले की विवेचना सीओ सदर संग्राम सिंह को सौंपी गई है और अन्य पुलिस कर्मियों की विभागीय जांच एडीशनल एसपी आदित्य कुमार शुक्ला कर रहे हैं।
मोबाइल का डाटा डिलीट
मोबाइल की फोन बुक, व्हाट्स एप ग्रुप, कॉल लॉग आदि पूरा डाटा साफ कर दिया गया है। एसपी कानपुर आउटर ने बताया कि मोबाइल का डाटा रिकवर कराने के लिए उसे आगरा की फोरेंसिक लैब भेजा जाएगा।
विवेचना में लापरवाही, दो दिन बाद भी डाटा रिकवर नहीं
सजेती में खनन माफियाओं की दोस्त बनी पुलिस विवेचना में जहां खेल करने से बाज नहीं आ रही है। वहीं खनन से जुड़े माफिया भी इस केस को उलझाने में लगे हैं। दो दिन पहले घटना में सबसे अहम माना जा रहा मोबाइल बरामद होने के बाद भी पुलिस अभी तक उसका डाटा रिकवर नहीं कर सकी है।
न ही प्रयास की कर रही है। इस संबंध में एसपी आउटर तेज स्वरूप सिंह ने बताया कि मोबाइल का डाटा रिकवर करने का खुद ही उनकी टीम प्रयास कर रही है। फिलहाल सीडीआर के जरिये जांच को बढ़ाया जा रहा है। जरूरत पडने पर एक्सपर्ट की सहायता ली जाएगी।
ये था पूरा मामला
पिछले 18 अगस्त 2021 को शासन की एक टीम सजेती इलाके में पहुंची थी। इस दौरान अवैध खनन पकड़ा था। इसमें कुबेर सिंह समेत दो नामजद समेत 55 आरोपियों पर केस दर्ज किया गया था। केस खनन निरीक्षक केबी सिंह ने दर्ज कराया था। इस दौरान एक आरोपी का मोबाइल भी पुलिस ने कब्जे में लिया था, जिसको लिखापढ़ी में दाखिल किया गया था। लेकिन बाद में वह मोबाइल गायब कर दिया गया, जो अब तक नहीं मिला।
यह इसलिए किया गया क्योंकि मोबाइल से सजेती थाने के पुलिसकर्मी भी फंसते। इस बीच शासन ने इस केस के बारे में जानकारी ली। तब पता चला कि विवेचना में कुछ हुआ नहीं और मोबाइल गायब है। शासन ने उच्चाधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए। जांच के बाद दरोेगा सूर्य देव चौधरी, सिपाही अनमोल तिवारी व सिपाही यतिन को निलंबित कर दिया गया।