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खनन का खेल: चौकीदार के पास से बरामद हुआ मोबाइल, डाटा रिकवरी के लिए भेजेंगे आगरा, कई पुलिस कर्मी होंगे बेनकाब

Sun, 21 Aug 2022 06:58 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

पिछले साल लखनऊ की टीम ने खनन माफिया को दबोचा था। पुलिस ने एक बरामद मोबाइल दाखिल करने के बाद गायब कर दिया गया। बता दें कि मोबाइल में व्हाट्सएप ग्रुप के जरिये खनन माफिया और पुलिसकर्मी जुड़े थे। इस मामले में एडिशनल एसपी जांच और  सीओ सदर पुर्नविवेचना करेंगे।
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अवैध खनन - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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कानपुर के सजेती में खनन माफिया का मोबाइल बरामद होने के बाद अब अधिकारी ट्रांसपोर्टर और खनन के सूत्रधार के पीछे लग गए गए हैं। मोबाइल फोन से पुलिस को बहुत सारे सुराग मिलने की उम्मीद है। मगर पुलिस को उसमें कुछ मिल नहीं पाया। मोबाइल फोन से डिलीटेड डाटा रिकवर कराने के लिए पुलिस मोबाइल को आगरा फोरेंसिक लैब भेजने की तैयारी में है।

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इसके बाद खनन माफियाओं से संबंध रखने वाले कई पुलिस कर्मियों के बेनकाब होने की उम्मीद है।वर्ष 2021 में खनन निरीक्षक ने सजेती थाने में कुबेर सिंह समेत 55 आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। मौके से गिरफ्तार दो आरोपियों के पास से मोबाइल बरामद हुआ था। इसके जरिए वह ट्रांसपोर्टरों को पुलिस और खनन अधिकारी की लोकेशन व्हाट्सएप ग्रुप पर शेयर कर रहे थे।
यह मोबाइल लिखापढ़ी में आया मगर थाने से गायब हो गया था। इसी मामले में एसपी कानपुर आउटर ने शासन के निर्देश पर दरोगा सूर्य चौधरी, हेड कांस्टेबल अनमोल तिवारी और सिपाही यतिन कुमार को निलंबित कर दिया था।

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लेकिन वह मोबाइल चोरी हो गया था। पुलिस की किरकिरी होने के बाद पुलिस ने मालखाने के चौकीदार अजय कुमार के पास से मोबाइल बरामद कर उसे जेल भेज दिया। वहीं इस संबंध में एसपी आउटर का कहना है कि  मामले की विवेचना सीओ सदर संग्राम सिंह को सौंपी गई है और अन्य पुलिस कर्मियों की विभागीय जांच एडीशनल एसपी आदित्य कुमार शुक्ला कर रहे हैं।

मोबाइल का डाटा डिलीट
मोबाइल की फोन बुक, व्हाट्स एप ग्रुप, कॉल लॉग आदि पूरा डाटा साफ कर दिया गया है। एसपी कानपुर आउटर ने बताया कि मोबाइल का डाटा रिकवर कराने के लिए उसे आगरा की फोरेंसिक लैब भेजा जाएगा।

विवेचना में लापरवाही, दो दिन बाद भी डाटा रिकवर नहीं
सजेती में खनन माफियाओं की दोस्त बनी पुलिस विवेचना में जहां खेल करने से बाज नहीं आ रही है। वहीं खनन से जुड़े माफिया भी इस केस को उलझाने में लगे हैं। दो दिन पहले घटना में सबसे अहम माना जा रहा मोबाइल बरामद होने के बाद भी पुलिस अभी तक उसका डाटा रिकवर नहीं कर सकी है।

न ही प्रयास की कर रही है। इस संबंध में एसपी आउटर तेज स्वरूप सिंह ने बताया कि मोबाइल का डाटा रिकवर करने का खुद ही उनकी टीम प्रयास कर रही है। फिलहाल सीडीआर के जरिये जांच को बढ़ाया जा रहा है। जरूरत पडने पर एक्सपर्ट की सहायता ली जाएगी।

ये था पूरा मामला
पिछले 18 अगस्त 2021 को शासन की एक टीम सजेती इलाके में पहुंची थी। इस दौरान अवैध खनन पकड़ा था। इसमें कुबेर सिंह समेत दो नामजद समेत 55 आरोपियों पर केस दर्ज किया गया था। केस खनन निरीक्षक केबी सिंह ने दर्ज कराया था। इस दौरान एक आरोपी का मोबाइल भी पुलिस ने कब्जे में लिया था, जिसको लिखापढ़ी में दाखिल किया गया था। लेकिन बाद में वह मोबाइल गायब कर दिया गया, जो अब तक नहीं मिला।
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यह इसलिए किया गया क्योंकि मोबाइल से सजेती थाने के पुलिसकर्मी भी फंसते। इस बीच शासन ने इस केस के बारे में जानकारी ली। तब पता चला कि विवेचना में कुछ हुआ नहीं और मोबाइल गायब है। शासन ने उच्चाधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए। जांच के बाद दरोेगा सूर्य देव चौधरी, सिपाही अनमोल तिवारी व सिपाही यतिन को निलंबित कर दिया गया। 
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