बता दें कि पुलिस लाइन के सिपाही जयवीर सिंह ने सोमवार को व्हाट्सएप स्टेटस पर सुसाइड नोट लगाकर सनसनी मचा दी थी। तीन चार थानों की फोर्स सक्रिय हुई और सर्विलांस की मदद से उसको ट्रेस किया गया। वह पोस्टमार्टम हाउस के सामने अपनी कार में बैठा मिला।
अफसरों ने उसकी काउंसिलिंग की और हैलट के न्यू विभाग में भर्ती कराया। सिपाही मानसिक रूप से बीमार बताया जा रहा है। मूलरूप से इटावा के बकेवर सिपाही जयवीर सिंह साढ़ थाने में तैनात था। करीब एक महीने पहले पुलिसकर्मियों से मारपीट के मामले में एसपी आउटर तेज स्वरूप सिंह ने उसको लाइन हाजिर कर दिया था।
तब से वह कई तरह के विवादित व्हाट्सएप स्टेटस लगाता रहता था। रविवार रात को वह दरोगा अनूप सिंह को देखने के लिए सर्वोदयनगर स्थित निजी अस्पताल पहुंचा था। देर रात दरोगा की मौत हो गई थी। वह लगातार उसके परिजनों के साथ रहा। सुबह मोर्चरी भी पहुंचा था। इसी दौरान उसने व्हाट्सएप पर सुसाइड नोट का स्टेटस लगाया।
इसमें पुलिस अफसर, इंस्पेक्टरों, महिला सिपाही व मीडियाकर्मियों के नाम लिखे थे। लिखा था कि वह डाई पीकर मरने जा रहा है। उसके जिम्मेदार ये सभी हैं। पुलिस ने कुछ ही मिनट बाद उसको खोज निकाला। हैलट में उसका इलाज जारी है। सिपाही के भाई ने कहा कि मारपीट के मामले में जयवीर पर कार्रवाई की गई।