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Kanpur: नई सड़क बवाल का दाग, पुलिस की वसूली के आरोप में हटे पुलिस कमिश्नर विजय सिंह मीणा

Tue, 02 Aug 2022 10:40 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

विजय सिंह मीणा को सपा का खासमखास माना जाता रहा है। हालांकि भाजपा सरकार ने उन्हें बतौर आईजी रेंज ढाई साल तक वाराणसी में बनाए रखा। पिछले साल एडीजी के रैंक में प्रमोशन के बाद उन्हें वाराणसी से हटाकर विजिलेंस में एडीजी बना दिया गया था। अब उन्हें कानपुर से हटाकर प्रतीक्षा सूची में रखा गया है।
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आईपीएस विजय सिंह मीणा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शासन ने सोमवार को कानपुर के पुलिस कमिश्नर विजय सिंह मीणा को हटाकर 1991 बैच के आईपीएस बीपी जोगदंड को नया सीपी बनाया है। शासन ने लखनऊ-कानपुर मार्ग पर शनिवार देर रात लगे लंबे जाम और बेलगाम हो चुकी शहर की यातायात व्यवस्था के चलते विजय सिंह मीणा को हटाने का भले ही फैसला लिया हो, लेकिन उनको यहां से हटाने के कई कारण हैं।

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शहर के पहले सीपी रहे असीम अरुण के वीआरएस लेने के बाद 14 जनवरी 2022 की देर रात शासन ने 1996 बैच के आईपीएस विजय सिंह मीणा को कानपुर का दूसरा पुलिस कमिश्नर बनाया था। 3 जून को नूपुर शर्मा के विवादित बयान के विरोध में नई सड़क पर प्रदर्शन के बाद उग्र हुई भीड़ ने हिंसा की थी।

इस दौरान शहर में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री भी मौजूद थे। इसी दिन मीणा को हटाने की पटकथा लिख दी गई थी। बवाल में कार्रवाई का दौर शुरू हुआ तो पुलिस पर वसूली के आरोप भी लगने लगे। पुलिस ने कई बेकसूरों को उठाया और जेल का डर दिखाकर वसूली की और छोड़ दिया।

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एक हिस्ट्रीशटर को थाने लाकर छोड़ने का मामला भी खूब वायरल हुआ था। वसूली की शिकायत डीजीपी मुख्यालय व मुख्यमंत्री कार्यालय को मिली थी। अंदरखाने जांच भी कराई गई। वसूली के आरोप में बेकनगंज थाने का एक दरोगा मोहम्मद अतीफ को निलंबित किया गया था, जबकि एक सिपाही को लाइन हाजिर किया गया था।

कानपुर के पुलिस आयुक्त विजय सिंह मीणा को चुनाव आयोग ने तैनाती दी थी। मीणा को सपा का खासमखास माना जाता रहा है। हालांकि भाजपा सरकार ने उन्हें बतौर आईजी रेंज ढाई साल तक वाराणसी में बनाए रखा। पिछले साल एडीजी के रैंक में प्रमोशन के बाद उन्हें वाराणसी से हटाकर विजिलेंस में एडीजी बना दिया गया था। अब उन्हें कानपुर से हटाकर प्रतीक्षा सूची में रखा गया है। 6 माह 16 दिन तक विजय सिंह मीणा कानपुर के पुलिस कमिश्नर रहे।
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मीणा को हटाने के ये भी कारण रहे
1. पीआरओ रहे दरोगा अजय मिश्रा का गैर जनपद तबादला होने के बाद भी पद से नहीं हटाया। दरोगा अजय मिश्रा कमिश्नरी में ट्रांसफर पोस्टिंग से लेकर वसूली का पूरा सिंडीकेट चला रहा था। हिस्ट्रीशीटर की बुलेट खरीदने का मामला तूल पकड़ा तो दरोगा को गोरखपुर रिलीव कर दिया गया। 
2. जाजमऊ टेनरी विवाद में अपराधियों से साठगांठ रखने पर इंस्पेक्टर पर नहीं की कार्रवाई। 
3. मकान कब्जाने के खेल में दोषी पाए गए एसीपी गोविंद नगर पर नहीं की कार्रवाई।
4. नई सड़क बवाल का मुख्य आरोपी होने के बाद भी बिल्डर वसी पुलिस कमिश्नर से मिला था लेकिन गिरफ्तारी नहीं की गई थी।
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