इस बीच तस्करों के परिजनों ने काकादेव थाने पहुंचकर घटना की जानकारी दी। इससे नाराज होकर इंस्पेक्टर काकादेव विनय शर्मा ने इंस्पेक्टर नवाबगंज रोहित तिवारी को फोन कर धमकी दी। जिसकी जानकारी रोहित तिवारी ने डीसीपी सेंट्रल प्रमोद कुमार को दी थी।
इसके बाद डीसीपी ने जांच एडिशनल डीसीपी सेंट्रल आरती सिंह को सौंप दी थी। डीसीपी सेंट्रल प्रमोद कुमार ने बताया कि एडिशनल डीसीपी आरती सिंह की प्राथमिक जांच में दोषी पाए जाने पर पुलिस कमिश्नर ने इंस्पेक्टर काकादेव को निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही उसके खिलाफ विभागीय जांच भी बैठा दी है।
मामले में एडिशनल डीसीपी ने दोनों इंस्पेक्टरों के बयान दर्ज करने के साथ ही बातचीत की और ऑडियो भी सुनी। वहीं, तस्करों के मोबाइल की कॉल डिटेल भी खंगाली। जिसमें तस्कर का कारखास से व्हाट्सएप कॉलिंग के जरिए बातचीत की पुष्टि भी हुई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार जल्द ही काकादेव थाने में तैनात कारखास समेत अन्य पुलिसकर्मियों पर भी गाज गिर सकती है।