अजय दो मार्च 2020 को जेल से जमानत पर छूटा था। वर्तमान में अजय एक बुलेट (यूपी 78 एफजे 9533) से चलते हैं, जो बलराम की पत्नी सोनी के नाम पर थी। अब अजय के बेटे उत्कर्ष के नाम है। सोनी पर भी एनडीपीस समेत दो केस दर्ज हैं।
बलराम पर 16 केस दर्ज, दो बार लगा गैंगस्टर
बलराम राजपूत का लंबा आपराधिक इतिहास है। उस पर 16 केस दर्ज हैं। मादक पदार्थ की तस्करी करने, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट, लूट, अपहरण, डकैती के केस शामिल हैं। इसी में चार केस हरियाणा के सिरसा में दर्ज हैं। सिरसा और कानपुर के कैंट थाने से एक-एक बार उस पर गैंगस्टर भी लग चुका है। दो बार गुंडा एक्ट में भी कार्रवाई की गई है।
जेल में बैठकर कर रहा खेल
कुछ दिन पहले बलराम पेशी पर आया था। इस दौरान उसने नवाबगंज निवासी एक अधिवक्ता से मुलाकात की थी। अधिवक्ता से कहा था कि वह हिस्ट्रीशीटर मनोज सिंह का बर्रा निवासी भाजपा नेता से हुए विवाद का निस्तारण करवा दे। यह मनोज सिंह वही है, जिसको नारायण भदौरिया व उसके साथियों ने पिछले साल पुलिस हिरासत से फरार कराया था।
मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। जानकारी कर जांच कराएंगे। -विजय सिंह मीणा, पुलिस कमिश्नर