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कुलदीप सेंगर प्रकरण: किशोरी का चाचा दिल्ली से गिरफ्तार, जानलेवा हमले के मुकदमे में फरार था आरोपी

Wed, 21 Nov 2018 08:38 AM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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कुलदीप सेंगर प्रकरण में किशोरी का चाचा दिल्ली से गिरफ्तार
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भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली किशोरी के चाचा को माखी थाने की पुलिस ने दिल्ली के नगला थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। न्यायालय से गैर जमानती वारंट जारी होने पर पुलिस ने यह कार्रवाई की है। स्थानीय न्यायालय से ट्रांजिट रिमांड लेकर उन्नाव के लिए पुलिस टीम रवाना हो गई है। बुधवार को पुलिस चाचा को उन्नाव कोर्ट में पेश करेगी। 
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माखी थाना क्षेत्र निवासी जयदीप सिंह उर्फ अतुल सिंह सेंगर ने वर्ष 2000 में पंचायत चुनाव के दौरान गांव के ही तीन सगे भाइयों व उनके साथियों पर जानलेवा हमले का मुकदमा माखी थाने में दर्ज कराया था। इस मुकदमे में चाचा के दो भाइयों की मौत हो चुकी है। इस मुकदमे में फरार व गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद भी किशोरी के चाचा की गिरफ्तारी न होने को लेकर अधिवक्ता कृष्णपाल सिंह ने 6 नवंबर 2018 को जिला सत्र न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया था।

जिला जज अखिलेश कुमार तिवारी ने मामले को एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम को स्थानांतरित किया। फास्ट ट्रैक कोर्ट न्यायाधीश मो. राशिद ने माखी थाना पुलिस से आख्या तलब की तो किशोरी के चाचा 2004 गैर जमानती वारंट जारी होने का मामला सामने आया। 9 नवंबर 2018 को न्यायाधीश मो. राशिद ने गैर जमानती वारंट के आधार पर तत्काल गिरफ्तारी के आदेश दिए।
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अभिलेखों में हेराफेरी कर गैंगस्टर में कराई थी जमानत

माखी थाना पुलिस हरकत में आई और एसओ दिनेशचंद्र मिश्रा के नेतृत्व में टीम दिल्ली पहुंची। मंगलवार सुबह आरोपी को उनके दिल्ली के नांगलोई थानाक्षेत्र स्थित घर से गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने उसे स्थानीय न्यायालय में पेश किया और ट्रांजिट रिमांड लेकर उन्नाव के लिए निकली। सफीपुर सीओ गौरव त्रिपाठी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ मुकदमा संख्या 152/2000 (धारा 307, 504 और 506) दर्ज है। वह वांछित चल रहा था। पुलिस टीम बुधवार को उसे उन्नाव न्यायालय में पेश करेगी। 

माखी दुष्कर्म कांड में आरोपी बांगरमऊ विधायक कुलदीप सिंह सेंगर वर्तमान समय में जेल में हैं। पूरे मामले में पीड़िता का चाचा ही पैरवी कर रहा है। चाचा पर गैंगस्टर समेत कई अन्य मामले दर्ज हैं। आरोप है कि इसी जानलेवा हमले के मुकदमे में न्यायालय से निर्दोष हुए रमेश के निर्णय के अभिलेखों में सफेदा (व्हाइटनर) लगाकर रमेश के स्थान पर अपना लिखकर गैंगस्टर के एक मुकदमे में न्यायालय को गुमराह कर अपनी जमानत करा ली। फास्ट ट्रैक कोर्ट ने इसका भी संज्ञान लिया है। माखी थाना पुलिस के मुताबिक 1999 में बालामऊ पैसेंजर ट्रेन में डकैती के एक मुकदमे में भी चाचा 16 अक्तूबर 2012 से फरार है।
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