चाय पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा, अक्सर यह शिकायत आती है कि कुछ क्षेत्रों में जनप्रतिनिधि चुनाव के समय ही पहुंचते हैं। यह ठीक नहीं है। इससे बचने की सलाह देते हुए अभी से क्षेत्र में सक्रिय होने के निर्देश दिए।
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार से प्रदेश के भाजपा सांसदों से मुलाकात का सिलसिला शुरू किया। पहले दिन उन्होंने 30 सांसदों से चाय पर चर्चा की। इनमें कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के भी कई सांसद शामिल रहे। इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि सांसद खुद को इतना सक्रिय बनाएं कि क्षेत्र के एक-एक मतदाता के बीच पहचान बन सके।
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इसके लिए सांसद नियमित रूप से क्षेत्र के लोगों और संगठन के छोटे-छोटे कार्यकर्ताओं से मिलकर संवाद करते रहें। प्रधानमंत्री ने कहा, अक्सर यह शिकायत आती है कि कुछ क्षेत्रों में जनप्रतिनिधि चुनाव के समय ही पहुंचते हैं। यह ठीक नहीं है। इससे बचने की सलाह देते हुए अभी से क्षेत्र में सक्रिय होने के निर्देश दिए।
यह भी कहा कि सभी सांसद खुद और अपने क्षेत्र के लोगों को सोशल मीडिया पर सक्रिय करें। सांसदों से उन्होंने कहा कि तीन दिन पहले उनकी काशी यात्रा और वहां बनाए गए विश्वनाथ धाम कॉरिडोर को लेकर लोगों की क्या प्रतिक्रिया है, लोग क्या सोचते हैं? यह समझने के लिए क्षेत्र की जनता से संवाद जरूरी है।
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इसी तरह केंद्र सरकार की तरफ से लोगों के लिए चलाई जा रही योजनाएं जरूरतमंदों तक पहुंचें, इस पर भी सभी सांसद नजर रखें। प्रधानमंत्री के साथ पहले दिन चाय पर चर्चा में कानपुर सांसद सत्यदेव पचौरी, अकबरपुर सांसद देवेंद्र सिंह भोले, मिस्रिख सांसद अशोक रावत, जालौन गरौठा के सांसद व केंद्रीय मंत्री भानु प्रताप वर्मा और बांदा-चित्रकूट सांसद अशोक पटेल समेत अन्य सांसद शामिल रहे।
इन सांसदों से भी हो सकती है मुलाकात
फतेहपुर सांसद साध्वी निरंजन ज्योति, कन्नौज सांसद सुब्रत पाठक, हमीरपुर सांसद पुष्पेंद्र चंदेल, इटावा सांसद रामशंकर कठेरिया और झांसी सांसद अनुराग शर्मा।