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पीएम ने तीनों किसान कानून वापस लेने का किया फैसला, जानिए क्या बोले महोबा चित्रकूट और हमीरपुर के किसान

Fri, 19 Nov 2021 11:50 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

महोबा में बुंदेलखंड किसान यूनियन की महिला यूनियन मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष किरण पाठक ने कहा कि कृषि कानून वापस लेने के सरकार ने समझदारी का काम किया है। इसके लिए नरेंद्र मोदी और योगी दोनों बधाई के पात्र हैं।
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पीएम मोदी ने कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा की - फोटो : ANI
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विस्तार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को एक बार फिर राष्ट्र को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने नए कृषि कानूनों को वापस लेने का एलान किया। बता दें कि पीएम मोदी आज महोबा दौरे पर हैं। यहां वो बुंदेलों के लिए सौगातों का पिटारा खोलेंगे। अर्जुन सहायक परियोजना समेत 3264.74 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण करेंगे।
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महोबा में बुंदेलखंड किसान यूनियन की महिला यूनियन मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष किरण पाठक ने कहा कि कृषि कानून वापस लेने के सरकार ने समझदारी का काम किया है। इसके लिए नरेंद्र मोदी और योगी दोनों बधाई के पात्र हैं। आंदोलन के दौरान 700 किसानों की शहादत और लखीमपुर खीरी कांड के पहले यदि यह निर्णय आता तो ज्यादा खुशी होती। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष राम खिलावन शुक्ला का कहना है कि पीएम के फैसले का स्वागत है। लेकिन जब तक एमएसपी पर गारंटी कानून नहीं बनता तब तक आंदोलन चलता रहेगा। संयुक्त किसान मोचा की बातचीत जारी है संगठन का जो निर्देश होगा उसका पालन किया जाएगा।

चित्रकूट में तीन कृषि कानून वापस लेने के सरकार के निर्णय को भारतीय किसान यूनियन ने किसानों की जीत बताया है। साथ ही भाकियू के जिला अध्यक्ष राम सिंह पटेल ने कहा कि अभी तीन मांगे और एमएसपी, दिवंगत किसानों को शहीद का दर्जा दिलाने और बिजली अधिनियम को लेकर संसोधन की मांग जब तक नहीं मानी जाएंगी तब तक आंदोलन चलता रहेगा। इसके अलावा वरिष्ठ किसान नेताओं के निर्देश पर आगे का कार्यक्रम निर्धारित किया जाएगा। यह भी कहा कि यूपी के विधानसभा चुनाव नजदीक आने पर किसानों के आक्रोश से नुकसान होने की संभावना पर बीजेपी सरकार ने अभी अधूरा निर्णय लिया गया है।
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हमीरपुर में केंद्र सरकार द्वारा तीन कृषि कानूनों को वापस लेने के निर्णय से किसान यूनियन पदाधिकारियों में खुशी की लहर दौड़ गई। पदाधिकारियों ने किसानों में मिष्ठान वितरित कर अपने संघर्ष पर जीत का जश्न मनाया। भाकियू के बुंदेलखंड महासचिव रामपाल सिंह चिकासी ने इसे किसानों के संघर्ष की जीत बताया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा देर से लिया गया पर सराहनीय निर्णय है।

जिसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी। रामपाल सिंह ने कहा कि सरकार को एमएसपी व स्वामीनाथन रिपोर्ट भी लागू करनी चाहिए। जिससे यह संदेश जाएगा कि प्रधानमंत्री सच्चे अर्थों में किसान हितैषी हैं। साथ ही आंदोलन के दौरान शाहिद हुए किसानों के परिजनों को आर्थिक मुआवजा, सरकारी नौकरी तथा जेल में बंद किसानों को रिहा करने के साथ ही उनपर दर्ज मुकदमे वापस लेने की भी मांग की है।
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