डीजीजीआई ने कोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि पीयूष जैन यह तो स्वीकार कर रहा है कि उसने बगैर बिल आदि के बड़ा लेनदेन किया। वही नकदी बरामद हुई है। मगर वह यह नहीं बता रहा है कि माल किससे खरीदा और किसको बेचा। इन सवालों पर वह गुमराह कर रहा है। सही जानकारी नहीं दे रहा है।
डीजीजीआई अहमदाबाद की ओर से विवेचक एसआईओ शंभूनाथ सिंह ने पीयूष कुमार जैन के मामले में अग्रिम विवेचना के लिए 14 दिन का रिमांड बढ़ाने की मांग की। डीजीजीआई ने कोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि पीयूष जैन यह तो स्वीकार कर रहा है कि उसने बगैर बिल आदि के बड़ा लेनदेन किया।
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वही नकदी बरामद हुई है। मगर वह यह नहीं बता रहा है कि माल किससे खरीदा और किसको बेचा। इन सवालों पर वह गुमराह कर रहा है। सही जानकारी नहीं दे रहा है। कुलमिलाकर वह जांच में सहयोग नहीं कर रहा है।
विशेष लोक अभियोजक अम्ब्रीष टंडन ने बताया कि छापे के दौरान पीयूष के आनंदपुरी और कन्नौज स्थित घरों से मिले इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज जैसे कम्प्यूटर हार्ड डिस्क, मोबाइल फोन आदि की जांच के लिए समय मांगा गया। जिस पर कोर्ट ने पीयूष का 23 जनवरी तक के लिए रिमांड बढ़ा दिया है।
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इसके पहले 6, 7 व 8 जनवरी को डीजीजीआई अहमदाबाद की टीम ने जेल में पीयूष के बयान दर्ज किए थे, जिसमें उसने कई अहम बातें बताई थीं। उसने बताया था कि तीन फर्मों के जरिए किए तरह से वह खरीददारों से बिलों के नाम पर हेराफेरी कर टैक्स चोरी करता था।