मूसानगर। पितर पक्ष में पिंडदान को लेकर पौराणिक देवयानी सरोवर में शनिवार देर शाम तक तैयारियां की जाती रहीं। रविवार से लोग यहां पहुंच कर पितरों को पिंडदान करेंगे।
छोटी गया के नाम से प्रसिद्ध देवयानी सरोवर में प्रथम पिंडदान का अपना ही महत्व है। पितृ पक्ष शुरू होने के बाद गया बिहार जाने से पहले लोग देवयानी सरोवर पहुंच पिंडदान करते हैं और विधि-विद्यान से पितरों के तरण के लिए पूजन पाठ करते हैं।
धार्मिक मान्यता के अनुसार कि देवयानी सरोवर में श्राद्ध किए बगैर गया बिहार में श्राद्ध का फल पूरा नहीं होता है। इसको लेकर गया जाने वाले श्रृद्धालुओं का आना शुरू हो गया। लोग देवयानी तालाब में प्रथम पिंडदान का कार्यक्रम करके गया में पितर पक्ष के दिनों में रहकर पिंडदान करेंगे। ग्रामीणों और धार्मिक मान्यता के अनुसार राजा यायाति ने देवयानी सरोवर का निर्माण कराया था।
....................
आस्था का केंद्र है देवयानी सरोवर
पौराणिक सरोवर प्रांगण पर प्रतिवर्ष रक्षाबंधन और करवा चौथ के अवसर पर मेले के साथ धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। रक्षाबंधन पर दो दिवसीय मेले के साथ विशाल दंगल व भगवान बांकेबिहारी के जलविहार भव्य शोभा यात्रा निकाल कर किया जाता है। वहीं करवा चौथ के अवसर पर प्रांगण में एक दिवासीय रात्रिकालीन में मेले के साथ सरोवर के एक छोर पर देवयानी सरोवर रामलीला कमेटी द्वारा भव्य रामलीला व दूसरे छोर पर प्रेम नाट्य परिषद द्वारा नाटक का मंचन का आयोजन किया जाता है।
...................
स्थानीय लोगों ने सुविधा बढ़ाने की उठाई मांग
देवयानी सरोवर में श्रद्धालुओं के पहुंचने पर कई इंतजाम नहीं है। इसको लेकर मांग की जा रही है। पूर्व प्रधान राकेश कुमार ने कहा कि देवयानी सरोवर नगर की आस्था का प्रतीक है। छोटी गया की मान्यता की वजह से पितर पक्ष में प्रथम पिंडदान के लिए काफी संख्या में लोग पहुंचते हैं। यहां रुकने के लिए लोगों को सरोवर किनारे खुले आसमान में सोना पड़ता है, इस लिए टिनशेड लगवाई जानी चाहिए। वहीं अतुल सोनी ने बताया कि पीने के पानी की समस्या रहती है। सरोवर के पास एक फ्रीजर लगाया जाना चाहिए। अधिशाषी अधिकारी नरेश ने बताया कि सरोवर के चारों ओर तिरंगा लाइट लगाई गई है। वाटर फाउंटेन लगाया गया है। अन्य कार्यों के लिए प्रस्ताव बना कर कार्य कराए जाएंगे।