धर्मेंद्र ने पड़ोसियों की मदद से कबूतर को पकड़ लिया। जो चिट्ठी उसके गले में बंधी थी उसमें सात पंक्तियों में उर्दू में कुछ लिखा हुआ है। वहीं चिट्ठी की दूसरी ओर खून लगा हुआ है। ग्रामीणों ने कबूतर को एक पिंजड़े में कैद करके पुलिस को घटना की सूचना दी। पुलिस ने कबूतर को उड़ाकर चिट्ठी रख ली।