कोरोना की दूसरी लहर में कोमॉर्बिड लोगों को अधिक खतरा है। 12 कोरोना संक्रमित रोगियों की डेथ ऑडिट में यही बात सामने आई है। ये रोगी बहुत गंभीर हालत में आए थे। इनका आक्सीजन सेच्युरेशन 40 और 50 के आसपास था।
इतने कम आक्सीजन सेच्युरेशन को खतरनाक माना जाता है। इसके अलावा एक मरीज को छोड़कर बाकी सभी मरने वाले कोमॉर्बिड रहे हैं। उन्हें पहले से गंभीर बीमारी रही है और बाद में हुआ कोरोना संक्रमण मौत की वजह बन गया। जीएसवीएम मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. आरबी कमल का कहना है कि इस बार संक्रमितों का संक्रमण लेवल बढ़ा हुआ मिल रहा है।
हैलट के मैटरनिटी कोविड विंग के प्रभारी डॉ. सौरभ अग्रवाल का कहना है कि 45 साल से अधिक आयु के लोग वैक्सीन जरूर लगवा लें। इसके साथ ही कोविड गाइडलाइन के प्रोटोकॉल का पालन करें।
प्यार की झप्पी में दादी को वैक्सीन पता ही नहीं चली
गुजैनी नगरीय स्वास्थ्य केंद्र पर कोरोना की वैक्सीन लगवाने आईं माया देवी (86) घबरा गईं। जैसे ही वैक्सीन इंजेक्शन में भरी गई, उनके हाथ-पैर फूल गए और मना करने लगीं। यह देखकर स्टाफ प्रियंका सचान ने उन्हें गले से लगा लिया। तब तक दूसरे स्टाफ ने वैक्सीन लगा दी, उन्हें पता ही नहीं चला। वह अपने बेटे राम जसनानी के साथ आई थीं।