लाइन में लगे मरीज को होने लगी उलझन
बेटा विशाल और उसका दोस्त रोगी को स्ट्रेचर पर लेकर रेडियोलॉजी आए। सिलिंडर में ऑक्सीजन बिल्कुल खत्म हो गई। अल्ट्रासाउंड कराने के लिए लाइन में लगे मरीज को उलझन होने लगी। परिजन जल्दी से स्ट्रेचर लेकर बाहर प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक कक्ष के सामने आ गए। परिजनों के चिल्लाने पर प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक बाहर आ गए।
कुछ देर बाद सिलिंडर खुल पाया
इसके बाद जल्दी से उसे इमरजेंसी ले जाने को कहा। इमरजेंसी में नया सिलिंडर लाया गया। इसकी चाबी नहीं थी, खोलने के लिए हड़कंप मच गया। कुछ देर बाद सिलिंडर खुल पाया और रोगी को ऑक्सीजन लगाई गई। इमरजेंसी मेडिकल अफसर डॉ. सुबोध कटियार ने कहा कि जिसकी भी लापरवाही होगी, उसके खिलाफ जांच कराई जाएगी।