बुजुर्ग माता-पिता को परेशान करने वालों की अब खैर नहीं। प्रदेश सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए शुरू की गई केंद्र सरकार की ‘माता-पिता, वरिष्ठ नागरिक भरण पोषण कल्याण योजना’ के लिए प्रदेश के सभी जनपदों में सुलह अधिकारियों का एक पैनल गठित करके 20 जून तक शासन को रिपोर्ट भेजने का आदेश समाज कल्याण विभाग को दिया है।
यह पैनल उपेक्षित माता पिता की तरफ से मिली शिकायत पर पहले उनके बीच सुलह कराने की कोशिश करेगा और यदि बच्चे इसके लिए राजी नहीं होते हैं, तो उन पर 10 हजार रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है। साथ ही तीन महीने की जेल भी हो सकती है।
समाज कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव सुनील कुमार की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है कि केंद्र सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की इस योजना में प्रदेश सरकार ने ट्रिब्यूनल के गठन का नोटिफिकेशन करा दिया है। इसी के तहत सुलह अधिकारियों के पैनल की नियुक्ति का आदेश जारी किया गया है। सभी जनपदों से सुलह अधिकारियों के पैनल की सूची मांगी गई है। उसके साथ ही योजना का क्रियान्वयन शुरू हो जाएगा।
वरिष्ठ नागरिक इस तरह कर सकते हैं शिकायत - जो भी माता पिता, वरिष्ठ नागरिक अपने परिजनों से परेशान हैं, वे विकास भवन में जिला समाज कल्याण अधिकारी या फिर अपने क्षेत्र के एसडीएम के नाम शिकायती पत्र लिखकर दे सकते हैं। उसी के आधार पर विभाग से कार्रवाई की जाएगी।