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लागू होगा इंडियन फाइनेंशियल कोड

Mon, 08 Jun 2015 01:39 AM IST
संजय त्रिपाठी, कानपुर
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वित्तीय क्षेत्र से जुड़ी शिकायतों के निस्तारण के लिए वित्त मंत्रालय इंडियन फाइनेंशियल कोड लागू करने की तैयारी में है। इसके लिए अलग-अलग क्षेत्र के दस विशेषज्ञों की टास्क फोर्स बनाई गई है।
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यह टास्क फोर्स साल भर तक देशी-विदेशी मॉडल पर अध्ययन एवं शोध के बाद इंडियन फाइनेंशियल कोड का मॉडल पेश करेगी। इसे विचार-विमर्श के बाद लागू किया जाएगा। इसमें विभिन्न क्षेत्रों में उपभोक्ताओं की शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया होगी। जानकारों की मानें तो तमाम घोटालों को देखते हुए यह कवायद शुरू की गई है।

देश में बीते कुछ वर्षों के भीतर वित्तीय धोखाधड़ी के कई मामले पेश हुए हैं। इसमें पश्चिम बंगाल का सारधा घोटाला हो या नेटवर्क कंपनी स्पीक एशिया की ठगी का। इस तरह के मामलों को देखते हुए अब वित्तीय क्षेत्र में सुधारों की कवायद शुरू की गई है।
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इसी के तहत बीती पांच जून को वित्त मंत्रालय के अधीन फाइनेंशियल सेक्टर लेजिसलेटिव रिफॉर्म कमीशन के निदेशक गौरव मासालदन ने एक कार्यालय आदेश जारी करके दस सदस्यीय टास्क फोर्स की घोषणा की है, जिसमें सेबी, आरबीआई, आईआरडीए समेत वित्तीय क्षेत्र के तमाम विशेषज्ञ शामिल किए गए हैं।

यह टास्क फोर्स वित्तीय क्षेत्र से जुड़े उपभोक्ताओं के हित में इंडियन फाइनेंशियल कोड बनाने का काम करेगी। आयकर विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जैसे कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में कार्रवाई के लिए इंडियन पैनल कोड है, ठीक उसी प्रकार वित्तीय क्षेत्र के लिए इंडियन फाइनेंशियल कोड होगा।

इसमें वित्तीय क्षेत्र के ग्राहकों के साथ होने वाली गड़बड़ी को नियंत्रित करने और कार्रवाई करने संबंधी नियम-कानून होंगे। देश के वित्तीय क्षेत्र में पारदर्शिता लाने और जिम्मेदारी तय करने का भी तंत्र टास्क फोर्स विकसित करेगा। इसके लिए विकसित देशों में वित्तीय शिकायतों के निस्तारण के लिए मौजूदा प्रक्रिया पर स्टडी करने के साथ ही देश में मौजूद तंत्र की खामियां भी देखी जाएंगी।

करीब एक साल तक कवायद करने के बाद इंडियन फाइनेंशियल कोड का मॉडल तैयार किया जाएगा। इसकी खासियत यह भी होगी कि यहां बैंक, बीमा, शेयर बाजार सहित सभी वित्तीय संस्थानों से जुड़ी शिकायतों का निस्तारण संभव होगा।
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