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पारस हत्याकांड: एसआईटी जांच में बड़ा खुलासा, युवती के फोन पर पारस गया था बिठूर, बनाया गया था बंधक

Thu, 25 Aug 2022 07:29 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

पारस गुप्ता हत्याकांड में एसआईटी की जांच में कई बड़े तथ्य सामने आए हैं। एसआईटी हत्या व आत्महत्या के बिंदु पर तफ्तीश कर रही है।
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पारस गुप्ता हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कानपुर में सुपाड़ी कारोबारी पारस गुप्ता हत्याकांड में एसआईटी की जांच में बड़ा तथ्य सामने आया है। ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर आनंद प्रकाश तिवारी ने बताया कि वारदात के बाद परिजनों ने एक तहरीर सौंपी थी। दावा किया था कि पारस ने वह तहरीर लिखी थी। इसमें लिखा था कि पारस को एक युवती ने फोन कर बिठूर बुलवाया था, वहां उसे बंधक बनाया गया था, तब उसने अपने एक परिचित से 20 हजार रुपये उधार लेकर अमित को चुकाए थे।
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जेसीपी ने बताया कि यह तथ्य जांच में सही पाया गया है। अब सवाल है कि रकम वापस मिलने के बाद पारस की हत्या क्यों की गई। एसआईटी हत्या व आत्महत्या के बिंदु पर तफ्तीश कर रही है। हरबंश मोहाल निवासी पारस गुप्ता 25 मई की रात लापता हुए थे। दो महीने बाद 27 जुलाई को परिजनों को फोरेंसिक के दफ्तर से पता चला था कि पारस की मौत हो चुकी है।

26 मई को रेलवे ट्रैक किनारे पारस का शव जीआरपी ने बरामद किया था। परिजनों ने मसाला कारोबारी अमित व अन्य अज्ञात पर हत्या का आरोप लगा केस दर्ज कराया था। परिजनों का आरोप था कि पारस पर अमित का 20 हजार रुपये बकाया था। इसलिए हत्या कर दी। पुलिस कमिश्नर ने एसीपी कलक्टरगंज के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया था।
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जांच में सामने आया कि वारदात से पहले पारस ने एक शिकायत आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज की थी, जिस दिन ये शिकायत हुई थी उसी दिन पारस ने अमित के पैसे लौटाए थे। वहीं, एसआईटी केस से संबंधित करीब आधा दर्जन सीसीटीवी फुटेज जुटा चुकी है। जिस शख्स ने शव पड़ा देखा था उसके भी बयान दर्ज किए हैं। जिससे पारस ने 20 हजार रुपये उधार लिए थे, उसके भी बयान लिए गए हैं। 

 
केस की विवेचना गहनता से की जा रही है। ज्वाइंट सीपी खुद विवेचना की मॉनीटरिंग कर रहे हैं। विस्तृत जांच में थोड़ा समय लगेगा। सुबूतों के आधार पर कार्रवाई होगी।- बीपी जोगदंड, पुलिस कमिश्नर

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