उसने बताया कि उसने जंगल में एक बड़ा जंगली जानवर देखा, जो तेंदुए जैसा दिख रहा था, जिससे गांव में दहशत फैल गई। वहीं, उसी रात गांव के एक युवक ने भी किसी जानवर द्वारा दौड़ाए जाने की बात कही। अगले दिन सोमवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो गया।
तेंदुआ होने की नहीं हो पुष्टि
इसमें तेंदुआ होने की बात कही गई, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो सकी। मंगलवार को वन विभाग के क्षेत्रीए वन अधिकारी प्रेमशंकर तिवारी, उप क्षेत्रीय वन अधिकारी सुरेंद्र सिंह और बीट प्रभारी अनुज कुमार मौके पर पहंचे, जिन्होंने जांच पड़ताल की लेकिन कुछ नहीं मिला।
लोमड़ी या लकड़बग्घा हो सकता है
क्षेत्रीय वन अधिकारी ने बताया कि तेंदुआ जैसा कोई जानवर यहां नहीं है। कुछ पद चिह्न मिले है, लेकिन वह काफी छोटे है जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि लोमड़ी या लकड़बग्घा हो सकता है। कांबिग की जा रही है। पड़ोस के फत्तेपुर गांव के रहने वाले रमेश ने बताया कि लोगों ने अपने छोटे बच्चों को बाहर निकालना बंद कर दिया है।