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हर दांव आजमा रहे दिग्गज: खेत खलिहान तक मतदाताओं से वोट मांग रहे प्रत्याशी

Wed, 14 Apr 2021 05:12 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा

सार

खेत खलिहान तक पहुंचकर बड़े-बड़े रसूखदार प्रचार में जुटे हैं। दावेदारों और समर्थकों की भीड़ देखकर अब तो किसान भी अपने खेतों या फिर खलिहान से नजरें बचाकर निकलने लगे हैं।
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पंचायत चुनाव
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विस्तार
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इटावा जिले के महेवा कस्बे एवं ग्रामीण अंचलों में चुनावी रण में इस बार दिग्गजों की साख दांव पर है। आरक्षण सूची बदलने के बाद अपने चहेते उम्मीदवारों को चुनावी मैदान में उतारकर खेत खलिहान तक पहुंचकर बड़े-बड़े रसूखदार प्रचार में जुटे हैं। दावेदारों और समर्थकों की भीड़ देखकर अब तो किसान भी अपने खेतों या फिर खलिहान से नजरें बचाकर निकलने लगे हैं।
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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में प्रदेश में पहली बार वर्ष 1995 आरक्षण व्यवस्था लागू हुई थी। न्यायालय के निर्देश पर दोबारा वर्ष 1995 को ही आधार मानकर आरक्षण व्यवस्था लागू की गई। इस व्यवस्था ने बड़े-बड़े रसूखदारों का खेल बिगाड़ दिया। वहीं कुछ का बन गया।

ऐसे में बहुत से लोग चुनावी मैदान से बाहर हो गए। अपनी साख बचाने के लिए आरक्षित की गई सीट पर उसी जाति के प्रत्याशी को समर्थन देकर चुनावी मैदान में उतार दिया है। जिसे जिताने के लिए मतदाताओं के बीच अपनी साख बचने की बात कहकर वोट मांग रहे हैं। चैत्र का महीना खेती किसानी का होता है।
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ऐसे में गांव के लोग घरों में बहुत कम ही मिल पाते हैं। प्रत्याशी व उनके समर्थक खेत खलिहान में भी अपने मतदाताओं का पीछा नहीं छोड़ रहे है। आज ही ऐसा ही नजारा ग्राम बम्होरा पंचायत में देखने को मिला जहां गेहूं काट रहे लोगों के पास ही एक प्रत्याशी पहुँच गए और वोट की मनुहार करने लगे। ऐसे ही नजारे अन्य जगहों पर भी देखने को मिल रहे हैं।
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