टेक्सटाइल और प्रतिरक्षा उत्पाद बनाने वाली कानपुर की कंपनी श्री लक्ष्मी कॉटसिन अब नीलामी के कगार पर पहुंच गई है। कंपनी के मालिक डॉ. एमपी अग्रवाल नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल के बाद अब नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल में भी केस हार गए हैं। दोनों ट्रिब्यूनल ने उद्यमी के रिवाइवल प्लान को खारिज कर दिया है।
सुप्रीम कोर्ट में अपील के लिए इनके पास अभी 20 दिन का समय शेष है। कंपनी का पंजीकृत कार्यालय कृष्णा नगर में है। कंपनी मुख्य रूप से टेक्सटाइल, गृह सज्जा और प्रतिरक्षा उत्पाद बनाती रही है। कंपनी मालिक डॉ. एमपी अग्रवाल ने शहर के दो अन्य बड़े उद्योगपति विक्रम कोठारी और उदय देसाई की तरह 16 बैंकों के 2700 करोड़ रुपये डुबो दिए हैं।
अग्रवाल की अलग-अलग कंपनियां करीब 5200 करोड़ रुपये की कर्जदार हैं, जिनमें से 2700 करोड़ के खाते एनपीए हो गए हैं। बैंकों ने कर्ज वसूली के लिए इनकी चार संपत्तियों की नीलामी कर दी हैं। बाकी की वसूली के लिए प्रकरण अभी तक नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल में चल रहा था।